
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। टोंककला में हुए पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई के मोड में है। दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा मानकों की पड़ताल के लिए रविवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पटाखा दुकानों और गोदामों पर व्यापक जांच अभियान चलाया गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चली इस कार्रवाई में कई जगह गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर 15 प्रतिष्ठान सील किए गए।
तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी या दस्तावेजों में अनियमितता मिली, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। शहर में नायब तहसीलदार पूजा भाटी की टीम ने तीन बत्ती चौराहे स्थित पटाखा दुकानों का निरीक्षण किया।
दो दुकानों की जांच की, जहां कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। दोनों दुकानों के लाइसेंस नवीनीकृत पाए गए और दस्तावेज भी नियमानुसार मिले। इस दौरान मालवा पटाखा दुकान में करीब 25 किलो से अधिक पटाखे मिले, जिसके बाद दुकान को तत्काल सील कर दिया गया। जांच में सामने आया कि दुकान के सामने बिजली की डीपी लगी हुई थी, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता था।
ग्रामीण क्षेत्र के गद्दूखेड़ी और शिप्रा क्षेत्र में भी टीमों ने कार्रवाई की। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर ने चारभुजा पटाखा दुकान की जांच की, जहां स्टाक रजिस्टर, इलेक्ट्रिक फिटनेस, फायर फिटनेस और बिल्डिंग फिटनेस जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। इसके अलावा कुछ बिना लेबल वाले पटाखे भी बरामद किए गए।
अनियमितताओं को देखते हुए दुकान को सील कर दिया गया। इसी प्रकार गद्दूखेड़ी स्थित राशिद खान के बीके फायर वर्क्स में नियमों के अनुसार संरचना नहीं थी। हालांकि गोदाम में विस्फोटक नहीं था लेकिन नियमों का उल्लंघन करने के चलते सील कर दिया गया। एसडीएम अभिषेक शर्मा ने बताया कि लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को बीके फायर वर्क्स ग्राम गद्दूखेड़ी, एशियन फायर वर्क्स सिंगावदा, बालाजी ट्रेडर्स बांगर, मालवा फायर वर्क्स सिंगावदा, बुरहानी फायर नागूखेड़ी, मांगीलाल छगनीराम अमोना, चारभुजा फायर शिप्रा, श्री गंगा फायर जामगोद, नोबल फायर नागूखेड़ी, ताहेरी फायर नागूखेड़ी के विभिन्न प्रतिष्ठान सील किए गए।
एसडीएम अभिषेक शर्मा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान के लक्ष्मीपति राव के बांगर स्थित बालाजी ट्रेडर्स पर अनियमितता मिली। यहां ब्लास्टिंग करने की मैगजीन थी। नियमानुसार नाइट्रेट और डेटोनेटर गोडाउन अलग-अलग होना चाहिए। मौके पर डेटोनेटर गोडाउन का भवन सही नहीं था जिसके चलते सील कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।