
Dewas News: देवास(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कलेक्टर ने धारा 144 के तहत स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों एवं विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। जारी निर्देशानुसार स्कूल संचालक, प्राचार्य स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची विद्यालय के परीक्षा परिणाम के पूर्व ही अपने स्कूल की बेवसाइट पर अपलोड करेंगे। मान्यता नियमों के अंतर्गत स्कूल की स्वयं की बेवसाइट होना अनिवार्य है। स्कूल के प्राचार्य, संचालक पुस्तकों की सूची की एक प्रति प्रवेशित अभिभावकों को प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के समय आवश्यक रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
आदेश के अनुसार स्कूल संचालक, प्राचार्य विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों को सूचीबध्द पुस्तकें परीक्षा परिणाम अथवा उसके पूर्व क्रय करने के लिए बाध्य नहीं करेंगे। अभिभावक पुस्तकों की उपलब्धता के आधार पर 15 जून 2023 तक क्रय कर सकेंगे। ऐसी स्थिति में अप्रैल माह में प्रारंभ होने वाले शैक्षणिक सत्र में प्रथम तीस दिवस की अवधि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2023 तक के मध्य का उपयोग विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन व्यवहारिक ज्ञान व मनोवैज्ञानिक पध्दति से शिक्षण में किया जाएगा।
आदेश में कहा गया कि स्कूल जिस नियामक बोर्ड सी.बी.एस.ई, आई.सी.एस.ई, एम.पी.बी.एस.ई., माध्यमिक शिक्षा मंडल आदि से संबध्द है, उस संस्था के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम ही चलेगा। विधिकरूप से अधिकृत एजेंसी जैसे एन.सी.आर.टी.ई., म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम आदि द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य प्रकाशकों, मुद्रकों द्वारा प्रकाशित की जाने वाली पुस्तकों को विद्यालय में अध्यापन के लिए प्रतिबंधित करेंगे। स्कूल संचालक, प्राचार्य सुनिश्चित करेंगे कि अन्य विषयों जैसे नैतिक शिक्षा, सामान्य जान, कम्प्यूटर आदि की निजी प्रकाशकों, मुद्रकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकें क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जाए।
आदेश अनुसार स्कूल संचालक, प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों, अभिभावकों को पुस्तकें, कापियां, सम्पूर्ण यूनिफार्म आदि संबंधित स्कूल, संस्था अथवा किसी भी एक दुकान, विक्रेता, संस्था विशेष से क्रय किये जाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा। किसी भी स्थिति में पुस्तकों के निजी प्रकाशक, मुद्रक, विक्रेता स्कूल परिसर में प्रचार-प्रसार के लिए प्रवेश नहीं करें। पुस्तकों के सेट की कीमत बढ़ाने के लिए अनावश्यक सामग्री जो निर्धारित पाठ्यक्रम से संबंधित ही नहीं है उसका समावेश सेट में नहीं किया जायेगा। कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा के पूरे सेट को क्रय करने की बाध्यता नहीं रखेगा, यदि किसी विद्यार्थी के पास पुरानी पुस्तकें उपलब्ध हैं तो उसे केवल उसकी आवश्यकता की पुस्तकें ही विक्रेता द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।
आदेशानुसार नोट बुक, कापी पर ग्रेड किस्म, साइज, मूल्य, पृष्ठ संख्या स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिये। किसी भी पुस्तक, नोट बुक, कापी अथवा इन पर चढ़ाये जाने वाले कवर पर विद्यालय का नाम मुद्रित नहीं किया जायेगा। कोई भी विद्यालय अधिकतम दो से अधिक यूनिफार्म निर्धारित नहीं कर सकेंगे। कम से कम 3 वर्ष तक गणवेश में परिवर्तन नहीं होगा। वार्षिकोत्सव अथवा अन्य किसी आयोजन पर किसी भी प्रकार की वेशभूषा को विद्यार्थियों, पालकों को क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा।