
देवास, नईदुनिया प्रतिनिधि। देवास शहर के एबी रोड पर मंगलवार दोपहर एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने राहगीरों को सोचने पर मजबूर कर दिया। एक व्यक्ति अपनी बीमार महिला परिजन को ठेले पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। तेज धूप और व्यस्त सड़क के बीच यह तस्वीर सामाजिक संवेदनाओं और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती नजर आई। मौके से गुजर रहे लोगों और मीडिया कर्मियों ने जब व्यक्ति से कारण पूछा, तो उसका जवाब था कि गरीब की कोई सुनवाई नहीं होती।
जानकारी के अनुसार, न्यू देवास निवासी यह व्यक्ति महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले गया था। उसके पास ऑटो या अन्य साधन के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए मजबूरी में उसने ठेले का सहारा लिया। व्यक्ति ने बताया कि महिला की तबीयत खराब थी और अस्पताल पहुंचाना जरूरी था, इसलिए किसी तरह ठेले पर बैठाकर उसे वहां तक ले गया।
बाद में सामने आया कि महिला को अस्पताल में डॉक्टर को दिखाना नहीं था, बल्कि केवल दवाइयां लेनी थीं। इसी बीच जब इस मामले को लेकर अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उनका कहना था कि संबंधित व्यक्ति ने न तो एंबुलेंस को कॉल किया और न ही किसी अन्य सहायता के लिए संपर्क किया। अधिकारियों के मुताबिक, केवल दवाइयां लेने के लिए महिला को अस्पताल लाना आवश्यक नहीं था।
इसी दौरान एबी रोड से गुजर रहे भाजपा नेता सुमेर सिंह दरबार भी यह दृश्य देखकर रुके। उन्होंने व्यक्ति से महिला को ठेले पर ले जाने का कारण पूछा और पूरी स्थिति जानी। बातचीत के बाद उन्होंने संबंधित व्यक्ति को आर्थिक सहायता दी, जिससे भविष्य में उसे ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
यह घटना भले ही कुछ देर की रही हो, लेकिन इसने गरीबों की मजबूरी, जानकारी के अभाव और सामाजिक सहयोग की जरूरत को उजागर कर दिया। सवाल यह भी उठता है कि जरूरतमंदों तक सरकारी और सामाजिक सहायता समय पर क्यों नहीं पहुंच पाती।