
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी को शराब से भरे मिनी ट्रक से कुचलकर मारने के मामले में मुख्य आरोपी ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत का पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर दिया। पांच जिलों की पुलिस से आंख-मिचौली खेल रहे इस अंतरराज्यीय शराब तस्कर को दबोचकर ला रही एसआईटी (SIT) टीम पर उसने उस वक्त हमला बोल दिया, जब पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया था।
आरोपी ने मौका पाकर एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीनी और ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की सेल्फ डिफेंस में की गई जवाबी कार्रवाई में गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद उसे तुरंत दबोचकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
टीआई हत्याकांड के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में खाक छान रही थीं। मध्य प्रदेश-गुजरात सीमा पर शराब तस्करी का नेटवर्क चलाने वाला गजेंद्र आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर (भाभरा) इलाके में छिपा हुआ था।
देवास पुलिस की विशेष टीम ने सुबह दबिश देकर धार के रास्ते उसे हिरासत में लिया और खातेगांव की ओर रवाना हुई थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से शराब तस्करी का सिंडिकेट चला रहा था और उसके पिता खुद पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं।
घटनाक्रम मंगलवार रात राजोदा और बरोठा के बीच का है। एसआईटी का वाहन जैसे ही इस इलाके से गुजर रहा था, अचानक उसका पहिया पंचर हो गया। पुलिसकर्मी गाड़ी रोककर स्टेपनी बदल रहे थे, तभी सुरक्षा घेरे में मौजूद गजेंद्र ने लघुशंका जाने की बात कही। जैसे ही ड्यूटी पर तैनात एएसआई उसे सड़क किनारे लेकर गए, शातिर आरोपी ने अचानक उन पर झपट्टा मारा और उनकी सर्विस रिवाल्वर छीनकर अंधेरे की ओर भागने लगा।
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पुलिसकर्मियों ने जब उसे सरेंडर करने के लिए ललकारा, तो उसने पुलिस टीम पर जानलेवा नीयत से फायर झोंक दिया। अचानक हुई फायरिंग के बीच एसआईटी ने तत्काल मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की। पुलिस की एक गोली गजेंद्र के पैर में जा धंसी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा।
टीम ने तुरंत घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया और छीनी गई सरकारी रिवाल्वर बरामद कर ली। घायल आरोपी को देर रात करीब 10:30 बजे देवास जिला अस्पताल लाया गया, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका उपचार चल रहा है। अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।