
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शुक्रवार को देवास आए। यहां आकर वह कांग्रेस कार्यालय नहीं गए, बल्कि पहले देवास की भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के निवास पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह भी थे। विधायक निवास पर सिंह व विक्रम सिंह पवार के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद शहर में अटकलों का दौर चला। कांग्रेस नेता भी हैरान थे।
बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह डेली कॉलेज इंदौर में आरएसएस के कार्यक्रमों को लेकर विरोध दर्ज करवाने पहुंचे थे। दिग्विजय सिंह के अनुसार पहले भी डेली कॉलेज में आरएसएस के कार्यक्रम हुए हैं और आगामी दिनों में होना संभावित है। उनका कहना है कि यह ठीक नहीं है।
यह शैक्षणिक संस्था है। यहां आरएसएस अथवा सेवादल के शिविर लगना सही नहीं। राजनीति किसी संस्था के लिए अच्छी नहीं होती। सिंह के साथ मौजूद कांग्रेस नेताओं के अनुसार उन्होंने डेली कॉलेज के चेयरमैन विक्रम सिंह पवार को इसके लिए समझाया और यह भी कहा कि यदि वह नहीं माने तो विरोध भी करेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस संस्था से हम सभी पढ़कर निकले हैं, इस लिहाज से समझाने गए थे।
विधायक निवास से निकलने के बाद दिग्विजय सिंह ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रतीक शास्त्री के निवास पर पहुंचे और शोक संवेदना जताई। मीडिया से चर्चा में सिंह ने आगामी दिनों में निकलने वाली अपनी यात्रा को लेकर बात की। कहा कि मेरी यात्रा मूल रूप से वोट और नोट चोरी के खिलाफ है।
हमारी आस्था पर आघात लगा है। चढ़ावा चोरी की गई। वोट काटे जा रहे हैं। ईवीएम के माध्यम से वोट मेनिपुलेट हो रहे। इसलिए यह जनजागरण यात्रा निकाल रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे देवास निवासी पुलिसकर्मी फिरोज खान के मामले में कहा कि कार्रवाई होनी चाहिए।