
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : शराब कांड की जांच में पुलिस को इंदौर में दवा बाजार और लोहामंडी में पड़ताल के दौरान नए सुराग मिले हैं। अब पुलिस को आशंका है कि पेंट थिनर के नाम पर मेथनाल की बिक्री की गई थी।
जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर पुलिस को मुख्य आरोपित अमन कासलीवाल सहित शराब बनाने के आरोपित अजय राठौर, सत्येंद्र ओझा और विशाल का तीन दिन का रिमांड न्यायालय से मिला है। मामले में गिरफ्तार अन्य आठ आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की जांच में अजय राठौर के घर से कटे हुए ड्रम का एक टुकड़ा मिला है। पुलिस इस टुकड़े को शराब बनाने में इस्तेमाल किए गए ड्रम से जोड़कर देख रही है। वहीं अमन कासलीवाल के ऑफिस से कच्चा स्टॉक रजिस्टर गायब बताया गया है। पुलिस ने उसका पर्सनल लैपटॉप जब्त किया है। अब लैपटॉप में मौजूद जानकारी और डिजिटल रिकार्ड की जांच के जरिए केमिकल की खरीदी-बिक्री, स्टाक और संबंधित लेनदेन की जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपित अमन की फर्म आनलाइन वेबसाइट पर मेथनाल बेचने के लिए लिस्ट है। पुलिस को इसकी फर्म से मेथनाल खरीदने वाले 95 ग्राहकों के बारे में पता चला है। संदेह है कि पेंट थिनर बताकर मेथनाल बेचा गया हो सकता है। इंदौर पहुंचकर पुलिस ने आरोपित अमन के कर्मचारियों के भी बयान लिए हैं।
पूरे मामले की शुरुआत ग्राम चंदाना से हुई थी, जहां आरोपित विनोद जायसवाल अवैध तरीके से शराब बेचता था। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद से आरोपित के निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान व पास स्थित मकान में भी ताले लटके हैं। इधर ग्रामीण बता रहे हैं कि जायसवाल कई वर्षों से शराब बेच रहा था। उसने शराब की कमाई से ही बहुमंजिला मकान खड़ा किया है। शराब कांड होने के बाद से कई ग्रामीण अभी भी दहशत में हैं।
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