
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : देवास जिले के हाटपिपल्या क्षेत्र स्थित ग्राम रोजड़ी में एक 55 वर्षीय किसान की जीवटता के आगे जंगल का खूंखार शिकारी भी हार गया।
गांव आबादी से महज 500 मीटर दूर अपने खेत पर ही दोपहर में मवेशी चरा रहे किसान पर तेंदुए ने अचानक हमला किया था, लेकिन किसान ने हिम्मत नहीं हारी और लगभग 2-3 मिनट तेंदुए से संघष किया, जिसके चलते आखिरकार तेंदुआ किसान को छोड़कर भाग गया। आसपास के किसान घायल किसान को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार जारी है।
ग्राम रोजड़ी के किसान उपेंद्र राजपूत ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 1.45 बजेकिसान अचपलसिंह राजपूत अपने खेत पर मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान खोयरी में तेंदुए ने पीछे से अचानक हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से राजपूत नीचे गिर गए और तेंदुए से गुत्थमगुत्था हो गए।
कुछ देर तक तेंदुए और उनके बीच संघर्ष भी चला। किसान के पास कोई हथियार या डंडा नहीं होने के बावजूद उन्होंने साहस दिखाया। इसी बीच आसपास के किसानों ने शोर भी मचाया, जिसके चलते तेंदुआ मौके से जंगल की ओर भाग गया। आसपास के किसान तुरंत घायल अचपल सिंह को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उनके कंधे, छाती, पीठ पर तेंदुए के दांतों से गहरे घाव हुए हैं।
ग्राम किसानों ने बताया कि इसी क्षेत्र में इस वर्ष 30 जनवरी को किसान लाखनसिंह पर भी तेंदुए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गांव आबादी से सिर्फ 500 मीटर दूर स्थित खेतों में तेंदुए के इस प्रकार के हमलों से किसान बेहद चिंतित और डरे हुए हैं। किसानों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी वन विभाग के जिम्मेदारों को सूचना दी गई थी। पिछले दिनों छोटे मवेशियों पर भी लगातार तेंदुए के हमले हुए हैं, जिसमें मवेशी मारे भी गए हैं।
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