
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। एबी रोड स्थित मिठाई दुकान पर हुई मोबाइल चोरी की जांच में पुलिस ने पांच राज्यों के 22 जिलों तक फैले मोबाइल चोरी और खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1.50 करोड़ रुपये कीमत के 400 मोबाइल फोन और छह लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी के मोबाइल इंदौर के जरिए विदेशों में भी भेजे जा रहे थे। इस पहलू पर जांच की जा रही है।
मामले का खुलासा 13 सितंबर को एबी रोड स्थित अपना स्वीट्स पर एक युवक का मोबाइल चोरी होने के बाद शुरू हुई जांच में हुआ। इसके बाद 21 सितंबर को पीठा रोड स्थित तिवारी स्वीट्स पर भी मोबाइल चोरी की घटना सामने आई। दोनों मामलों में कोतवाली थाने में केस दर्ज किए गए थे। पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करते हुए जांच आगे बढ़ाई तो चोरी के मोबाइल एकत्रित करने और उनकी खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क का पता चला।
पुलिस कप्तान पुनीत गेहलोद ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल चोरी करते थे। चोरी के फोन अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस ने शुभम को नेटवर्क का मुख्य रिसीवर बताया है। उसके जरिए चोरी के मोबाइल की आगे खरीद-फरोख्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मनीष पारदी, सूरज सिंह पारदी और शुभम राठौर को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों से पूछताछ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के अलावा दमन में भी मोबाइल चोरी की घटनाओं से जुड़े तार सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, जब्त मोबाइल पांच राज्यों के 22 जिलों से चोरी किए गए थे।
जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि इंदौर में एकत्र किए जाने वाले चोरी के मोबाइल अन्य एजेंटों के माध्यम से विदेशों में भेजे जाते थे। पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और मोबाइल की आगे की सप्लाई के संबंध में पूछताछ कर रही है। आरोपितों के खिलाफ दर्ज प्रकरण में संगठित आपराधिक गतिविधियों और चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
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गिरोह की गतिविधियां मध्यप्रदेश के देवास, इंदौर, उज्जैन, धार एवं छतरपुर, महाराष्ट्र के मुंबई-ठाणे, नासिक, कोल्हापुर, जलगांव, जालना, छत्रपति संभाजीनगर एवं अहमदनगर, गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, नवसारी एवं दाहेज, केंद्र शासित प्रदेश दमन तथा राजस्थान के जयपुर एवं अजमेर सहित विभिन्न स्थानों से जुड़ी होना सामने आया है । चोरी किए गए मोबाइल को गिरोह के सदस्य अलग-अलग माध्यमों से इंदौर निवासी शुभम राठौर तक पहुंचाते थे । शुभम के खिलाफ इंदौर के विभिन्न थानों में पूर्व से कई प्रकरण दर्ज होने की बात सामने आई है।
कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन और कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में की गई। पुलिस अब जब्त मोबाइलों के वास्तविक मालिकों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।