Navratri 2022: देवास। मध्य प्रदेश के देवास में माता टेकरी पर स्थित मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा के मंदिर में नवरात्र में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मान्यता है कि यहां देवी सती के रक्त की बूंद गिरी थी, इसकी वजह से माता टेकरी को शक्तिपीठ माना जाता है। इस शहर के नाम देवास दो देवियों के वास से ही बना है। देवास की माता टेकरी नाथ संप्रदाय का सिद्ध स्थल है और कई ऋषि-मुनियों की तपोस्थली भी रहा है। देवास शहर का इतिहास एक हजार वर्ष पुराना बताया जाता है, टेकरी पर मां चामुंडा देवी की मूर्ति 10वीं शताब्दी की बताई जाती है।
Dewas Mata Tekri: टेकरी से उज्जैन का गुप्त रास्ता
यह भी कहा जाता है कि देवास की माता टेकरी से उज्जैन के बीच एक सुरंग है, जिसे गुप्त रूप से आने-जाने के लिए तैयार किया गया था। ऐसा बताया जाता है कि यह सुरंग करीब 45 किमी लंबी है जो यहां से उज्जैन के भर्तहरि गुफा तक जाती है। उस समय राजा भर्तहरि इसी रास्ते से माता टेकरी पर दर्शन करने के लिए आते थे।
Navratri 2022: देवास की माता टेकरी पर मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर में उमड़े भक्त https://t.co/fq84hZT9De#Navratri #navratri2022 #Dewas #MadhyaPradesh pic.twitter.com/5c9i3gx5SW
— NaiDunia (@Nai_Dunia) September 26, 2022
यह भी पढ़ें : मध्य प्रदेश में हैं तीन शक्तिपीठ सहित कई देवी मंदिर, पढ़िए इनसे जुड़ी मान्यताएं
Maa Tulja Bhavani Mandir Dewas: देवास टेकरी की मां तुलजा भवानी, यह हैं बड़ी माता
देवास में माता टेकरी पर दक्षिण दिशा की ओर माता तुलजा भवानी का मंदिर है, ये बड़ी माता हैं। मंदिर में माता के मुख के दर्शन होते हैं। यह मंदिर भी चामुंडा माता मंदिर जितना ही प्राचीन बताया जाता है। मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा को धार्मिक मान्यताओं में बहन माना गया है। मां तुलजा भवानी शिवाजी की कुलदेवी हैं।
यह भी पढ़ें : अन्नपूर्णा माता को लगे फलों का भोग जरूरतमंदों को दे रहे
देवास टेकरी पर उत्तर दिशा में मां चामुंडा माता का मंदिर स्थित है, इनकी मूर्ति चट्टान में उकेरकर बनाई गई हैं। यह मूर्ति परमार काल की बताई जाती है। देवास रियासत के राजा इन्हें कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।