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सेवा समाप्ति के विरोध में देवास में जुटे एक हजार से ज्यादा पटवारी, रैली निकाली, कलेक्टर के खिलाफ की जमकर नारेबाजी

स्वामित्व योजना में शून्य प्रगति और अनुशासनहीनता के चलते देवास में मंगलवार को कलेक्टर ने तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों को बर्खास्त करने के मामले ने तूल प...और पढ़ें

By deepak vishwakarmaEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 07:39:10 AM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 07:41:56 AM (IST)
सेवा समाप्ति के विरोध में देवास में जुटे एक हजार से ज्यादा पटवारी, रैली निकाली, कलेक्टर के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
विरोध प्रदर्शन करते पटवारी। -नईदुनिया

HighLights

  1. पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग
  2. देवास में लगभग एक हजार से ज्यादा पटवारी जुटे
  3. पटवारियों ने भोपाल चौराहा से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : स्वामित्व योजना में शून्य प्रगति और अनुशासनहीनता के चलते देवास में मंगलवार को कलेक्टर ने तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों को बर्खास्त करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को देवास में इंदौर, उज्जैन संभाग के विभिन्न जिलों के अलावा अन्य जिलों के लगभग एक हजार से ज्यादा पटवारी जुटे।

पटवारियों ने भोपाल चौराहा से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सेवा समाप्ति, निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों का विरोध किया।

प्रांतीय पटवारी संघ भोपाल एवं मध्यप्रदेश पटवारी संघ, जिला देवास के आह्वान पर पटवारी देवास मुख्यालय पर एकत्रित हुए। पटवारियों ने पहले भोपाल रोड स्थित मैरिज गार्डन में सभा की और बाद में नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।

मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला अध्यक्ष मोहन राठौर, संभाग उज्जैन के अध्यक्ष आशीष कुमावत व प्रांतीय सचिव धर्मेंद्र चौबे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पटवारियों ने शासन द्वारा की जा रही दंडात्मक कार्रवाई का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, मध्यप्रदेश शासन के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया और कार्रवाई तत्काल वापस लेने की मांग की।


कलेक्टर नहीं पहुंचे तो धरने पर बैठे

कलेक्टर कार्यालय में पटवारियों ने करीब दो घंटे तक जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार आंदोलन के बावजूद जिला कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचे, जिसके चलते वे धरने पर बैठे। इसके बाद पटवारियों ने कलेक्टर परिसर में भजन-कीर्तन किया, हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रदर्शन में उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, धार, गुना, खरगोन सहित इंदौर एवं उज्जैन संभाग के विभिन्न तहसील अध्यक्ष और प्रदेश के अन्य जिलों से पटवारी मौजूद थे।

कार्रवाई वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन

ज्ञापन में कहा गया कि स्वामित्व रजिस्ट्री के निष्पादन में निष्पादक बनाए जाने के विरोध में अनुशासनहीनता एवं आदेशों की अवहेलना के आरोप में कलेक्टर एवं नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी ऋतुराज सिंह द्वारा देवास जिले के तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं।

इनमें नितिन विश्वकर्मा, अजय नागर तथा विशाल टईया शामिल हैं। पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन, पंजीयन-2026 सहित विभिन्न राजस्व कार्यों से संबंधित विधिक एवं व्यवहारिक समस्याओं से शासन को पूर्व में ही अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद देवास में सेवा समाप्ति तथा प्रदेश के अन्य जिलों में निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाईयां किया जाना चिंताजनक है। संघ ने कहा कि जब तक दंडात्मक कार्रवाईयां वापस नहीं ली जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।

9 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश

प्रादेशिक संगठन के निर्णय के अनुसार 7 अक्टूबर से प्रदेशभर का पटवारी संवर्ग आनलाइन राजस्व कार्यों से विरत रहेगा। साथ ही पटवारी शासकीय समूहों से भी बाहर रहेंगे। वहीं 9 अक्टूबर तक जिले के समस्त पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे तथा शनिवार-रविवार को भी मुख्यालय पर उपस्थित नहीं रहेंगे।

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