
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर आमजन का विरोध बढ़ता जा रहा। आए दिन कुछ न कुछ ऐसा होता है, जो नया विवाद खड़ा करता है। अब मीना बाजार में होने वाले मुशायरे के मामले में निगम प्रशासन घिरा है। 31 अक्टूबर को यहां मुशायरा होना है, जिसे लेकर आरोप लग रहे हैं कि समिति के कर्ताधर्ताओं ने एेसे शायर को यहां आमंत्रित किया जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुका है। विरोध उठने के बाद संबंधित शायर को कार्यक्रम से दूर रखा गया है। कुछ अन्य शायरों के नाम भी हटवाए गए हैं।
दरअसल, नगर निगम द्वारा नवरात्र से मीना बाजार की शुरुआत की जाती है। इसमें मेला लगता है तो कवि सम्मेलन, मुशायरा भी होता है। हर समिति के लिए एमआइसी सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है। निगम की ओर से एक अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस बार 31 अक्टूबर को मुशायरा होगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से शायर आएंगे। इनमें हैदरबाद के आरिफ सैफी का नाम भी था, जिसका बैनर निगम ने छपवाया था और सूचना भी दी थी। इसके बाद विरोध के स्वर उठे।
आरोप लगे कि शायर आरिफ ने पीएम मोदी व सीएम योगी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। ऐसे में यहां ऐसे शायर को किसने बुलाया। सांसद, विधायक, महापौर भाजपा के हैं और परिषद भी, लेकिन किसी ने आपत्ति नहीं ली। सर्व हिंदू समाज ने भी आपत्ति दर्ज करवाई है।
कार्यक्रम को निरस्त करने तथा आयोजन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है। कहा कि नगर निगम एक सार्वजनिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी समाज के सभी वर्गों के बीच सौहार्द, विश्वास एवं सामाजिक समरसता बनाए रखना है। ऐसे में विवादों से जुड़े व्यक्तियों को आमंत्रित कर कार्यक्रम आयोजित करने से शहर के सामाजिक एवं सांप्रदायिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
इस मामले में महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल का कहना है कि सूचना मिलने के बाद संबंधित शायर का नाम हटवा दिया है। निगमायुक्त दलीप कुमार का कहना है कि शायरों को बुलाने का जिम्मा संबंधित समिति का रहता है। मेरे पास जानकारी आई थी, जिस पर अधिकारियों को निर्देश देकर संबंधित का नाम हटवाया गया। समिति के अध्यक्ष मुस्तफा अंसार अहमद ने कहा कि आपत्ति के बाद दो-तीन शायरों के नाम हटवा दिए हैं।
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