
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। अवैध शराब से देवास जिले के चंदाना गांव में मौतों के मामले में मंगलवार को शासन ने बड़ी कार्रवाई की। देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसपी पुनीत गेहलोद को हटा दिया गया है। उनकी जगह नेहा मीना को कलेक्टर और आदित्य मिश्रा को एसपी बनाया गया है।
वहीं, जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी नीलेश कुमार पवार और आबकारी उपनिरीक्षक राजश्री खन्ना को आबकारी आयुक्त ने निलंबित कर दिया।
देवास जिले के चंदाना गांव में एक से 15 अक्टूबर के बीच 13 लोगों की मौत का दावा किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी। इनमें कुछ की पहले आंखों की रोशनी गई, फिर मौत हुई। मृतकों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। पुलिस-प्रशासन ने पहले अत्यधिक शराब सेवन और पुरानी बीमारियों की आशंका जताई थी। विसरा जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, संभाग आयुक्त आशीष सिंह द्वारा गठित जांच दल ने मंगलवार को मृतकों के घर जाकर स्वजनों से जानकारी ली। जांच दल को 15 दिन में रिपोर्ट देनी है।
मामले ने तब तूल पकड़ा, जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गांव पहुंचकर मृतकों के स्वजनों से मुलाकात की और जहरीली शराब से मौतों का आरोप लगाया। सोमवार को पुलिस ने अवैध शराब की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
सरकार ने देवास के कलेक्टर और एसपी को हटाने के साथ ही सागर जिले की कलेक्टर प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को भी हटाया है। यह कार्रवाई सितंबर में हुए सागर शराब कांड के एक महीने बाद की गई है, जहां 36 से अधिक लोगों की मौत और 100 से अधिक लोगों के बीमार होने की बात सामने आई।
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