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सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज... शिप्रा में गंदा पानी रोकने मैदान में उतरे अफसर, उद्योगों की नियमित जांच के निर्देश

सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर शिप्रा में नागधम्मन का गंदा पानी रोकने को लेकर अब उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह एवं देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बुधवार को...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 06 Oct 2026 10:54:17 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2026 10:54:17 PM (IST)
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज... शिप्रा में गंदा पानी रोकने मैदान में उतरे अफसर, उद्योगों की नियमित जांच के निर्देश
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज

HighLights

  1. सिंहस्थ की तैयारियों के तहत नागधम्मन नाले का निरीक्षण
  2. उद्योगों के एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की होगी औचक जांच
  3. दूषित पानी बहाने वाले उद्योगों पर होगी कठोर दंडात्मक कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। शहर के औद्योगिक क्षेत्र से होकर शिप्रा तक जाने वाले नागधम्मन नाले से जा रहे औद्योगिक गंदे व केमिकल युक्त पानी पर प्रशासन सख्ती बरतने लगा है। सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर शिप्रा में नागधम्मन का गंदा पानी रोकने को लेकर अब उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह एवं देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बुधवार को नागधम्मन का निरीक्षण किया। इस दौरान संभागायुक्त ने ग्राम हवनखेड़ी पहुंचकर नाले की वर्तमान स्थिति एवं जल प्रवाह का मुआयना किया।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योगों को कड़े निर्देश

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त आशीष सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागधम्मन नाले के पानी के विभिन्न स्थानों से समय-समय पर सैंपल लिए जाएं तथा पानी की गुणवत्ता व प्रदूषण स्तर की नियमित प्रयोगशाला जांच कराई जाए। संभागायुक्त ने क्षेत्रीय औद्योगिक इकाइयों में स्थापित एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के सुचारू संचालन का विशेष एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा बिना उपचारित दूषित रासायनिक पानी या अपशिष्ट नाले में सीधे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। यदि किसी भी उद्योग द्वारा नियमों का उल्लंघन कर दूषित जल बहाया जाना पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने एमपीआइडीसी एवं संबंधित विभागों को नाले के समीप स्थित उद्योगों की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा पर्यावरण संरक्षण के मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए।

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