
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। जिले के खातेगांव में अवैध शराब से भरे ट्रक को रोकने के दौरान बलिदानी हुए थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी का सोमवार को उनके पैतृक गांव बरमंडल (धार) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सामाजिक परंपरा और मान्यताओं के अनुसार पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने के बजाय गांव में निर्धारित स्थल पर भू-समाधि दी गई।
समाधि देने की यह प्रक्रिया उनके बेटे के माध्यम से पूरी कराई गई। इस दौरान पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर बलिदानी को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान संभागीय आयुक्त भास्कर लक्षकार, इंदौर रेंज के आईजी अनुराग, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना, एसपी सचिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार स्थल पर बलिदानी के परिजनों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं। बलिदानी के पिता ओमप्रकाश पुरी ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए मामले की जांच सीबीआई (CBI) से कराने, दोषियों को फांसी की सजा देने और उनके मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करने की मांग की।
पिता ने भावुक होते हुए बताया कि दिलीप गांव के बच्चों को पढ़ाते थे, जिनमें से कई आज विभिन्न उच्च पदों पर कार्यरत हैं। वहीं, बहन दीपिका गोस्वामी ने बताया कि उनके माता-पिता ने पांच भाई-बहनों को पढ़ाने के लिए जमीन तक बेच दी थी और दिलीप उनमें सबसे होनहार थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने तथा दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी को देखते हुए उन्होंने परिवार के लिए न्याय की गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व में बलिदानी के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी कविता पुरी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सब-इंस्पेक्टर (SI) बनाने की घोषणा की थी।
अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने इंदौर रेंज के आईजी अनुराग से मुलाकात कर आग्रह किया कि कविता पुरी को फील्ड पोस्टिंग (एसआई) के बजाय कार्यालयीन (मंत्रालयीन संवर्ग) स्टाफ के पद पर नियुक्त किया जाए। इसके साथ ही, उज्जैन संभाग के बजाय इंदौर संभाग में पदस्थापना की मांग रखी गई, ताकि वह अपने परिवार और बच्चों की सही देखभाल कर सकें।
इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच और बलिदानी की पत्नी के लिए एसआई के स्थान पर कार्यालयीन पद व संभाग परिवर्तन का अनुरोध किया है। आईजी ने स्पष्ट किया कि परिजनों की इन सभी मांगों और प्रस्तावों को अग्रिम निर्णय हेतु राज्य शासन को भेजा जा रहा है। दुख की इस घड़ी में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से बलिदानी परिवार के साथ खड़ा है।