
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : देवास के चर्चित शराब मामले की जांच में पेंट थिनर की खरीदी और उसके कथित इस्तेमाल की कड़ियां जोड़ने में पुलिस जुटी है। मामले में गिरफ्तार आरोपित अमन कासलीवाल को पुलिस गुरुवार को इंदौर लेकर पहुंची, जहां दवा बाजार स्थित आफिस में रिकार्ड और गोदाम की जांच की गई।
गुरुवार को देवास पहुंचे आरोपित अमन के पिता आनंद जैन का कहना है कि उनकी फर्म ने 220 लीटर थिनर का ड्रम 7 हजार रुपये में बिल-बिल्टी के साथ बेचा था। उन्होंने कहा कि 25 साल से व्यापार कर रहे हैं। किसी व्यक्ति ने माल लेजाकर दुरुपयोग किया है।
ऐसे में प्रशासन हमको दोषी ठहरा रहा है, तो यह व्यापारी के लिए ठीक नहीं है। दूसरी ओर पुलिस को आशंका है कि शराब बनाने में थिनर के अलावा भी किसी अन्य केमिकल का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इसकी पुष्टि के लिए जब्त शराब और केमिकल के नमूने एफएसएल भोपाल भेजे जाएंगे।
अमन काे एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में अन्य आरोपितों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में पुख्ता प्रमाण मिले हैं, हालांकि आरोपित अजय व अन्य ने कितनी मात्रा में शराब तैयार की व सप्लाय की, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। जब्त शराब की जांच के बाद ही इसकी प्रकृति और उसमें इस्तेमाल रसायनों के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी।
पुलिस द्वारा जब्त शराब में दो पेटियां खुली हुई मिली हैं। इनमें 10 से 12 क्वार्टर अलग दिखाई दिए हैं। पुलिस पूरी शराब और संबंधित केमिकल को जांच के लिए एफएसएल भोपाल भेजने की तैयारी कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कथित तौर पर शराब तैयार करने में केवल थिनर का इस्तेमाल हुआ या उसके साथ कोई दूसरा रसायन भी मिलाया गया।
पुलिस शुक्रवार को अमन सहित आठ अन्य आरोपितों को कोर्ट में पेश करेगी। मामले में फरार गोविंद की तलाश जारी है। पुलिस ने प्रकरण में आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए भी बढ़ाई है। यह धारा तब लगाई जाती है जब मानव उपयोग के लिए अनुपयुक्त शराब आरोपित द्वारा बनाई जाती है। इस धारा के तहत अनुपयुक्त शराब से मृत्यु होने पर आजीवन कारावास व मृत्युदंड तक का प्रावधान है।
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