
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। खातेगांव टीआई दिलीप पुरी गोस्वामी की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपितों से पुलिस पूछताछ कर रही है। कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं। गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल के संबंध में अहम सुराग मिले हैं। राहुल इतना शातिर था कि टिमरनी वाइन शॉप में नीचे की तरफ दो कमरे थे और एक अलग से केबिन ऊपर की ओर बना रखा था। यहीं पर वह पार्टनरों के साथ हिसाब-किताब रखता था। एक डायरी में इसे मेंटेन करता था।
पुलिस ने यहां से 35 लाख रुपये जब्त किए हैं। खास बात यह भी सामने आई कि घटना वाले दिन पुलिस को ट्रक से शराब की 208 पेटियां मिली थीं, लेकिन दुकान से 300 पेटी शराब निकाली गई थी। पुलिस ने लगातार पूछताछ की तो टिमरनी वाइन शाप के गोदाम से बची हुई 92 पेटियां मिलीं। शुरुआत में आरोपित ने गुमराह किया, लेकिन जब आबकारी विभाग से संपर्क कर शराब के बैच नंबर व क्यूआर कोड का मिलान किया तो यह शराब टिमरनी वाइन शाप की ही निकली।
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि करीब 35 लाख रुपये राहुल के केबिन से जब्त किए हैं। उसने बताया कि यह राशि पार्टनरों में बांटी जानी थी। चार दिन का कलेक्शन था। पूछताछ में पता चला कि शराब ब्लैक कर यह मुनाफा कमाया जाता था। एक्साइज ड्यूटी की चोरी भी सामने आई है।
इधर, चंदाना शराब कांड के बाद कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गए केमिकल युक्त शराब बनाने व सप्लाय करने के आरोपितों को न्यायालय ने जेल भेज दिया। पुलिस ने अवैध तरीके से शराब बेचने वाले चंदाना निवासी विनोद जायसवाल, शराब बनाने के मुख्य आरोपित अजय राठौर, केमिकल सप्लाई करने वाले अमन कासलीवाल सहित अन्य को गिरफ्तार किया था।
यह भी पढ़ें- देवास TI हत्याकांड मामला: माफिया राहुल का नहीं, जबलपुर की आदिवासी महिला का निकला पेट्रोल पंप
आरोपितों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ की गई, जिसके बाद कुछ आरोपितों को पूर्व में ही जेल भेज दिया गया था। आरोपित अमन कासलीवाल, अजय और रमाकांत को पुलिस ने न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया। इसी प्रकार आरोपित कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल को भी जेल भेज दिया गया।