
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास: शहर के बायपास स्थित नौसराबाद पशु हाट के समीप एक युवक का शव तीन दिन पहले रक्त रंजित अवस्था में मिला था। पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला था कि मृतक का गला रेत कर उसकी हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने घटना के दूसरे दिन ही चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पता चला कि पत्नी ने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या को अंजाम दिया और शव को बायपास पर ठिकाने लगाकर बीमा क्लेम करने की साजिश रची थी। मामले में चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले का खुलासा एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में किया। उन्होंने बताया कि अंधे कत्ल का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। मृतक की पहचान राकेश मालवीय निवासी साईंनाथ कॉलोनी के रूप में हुई थी। प्रारंभ में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हुआ लेकिन पीएम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें आरोपित घटना को अंजाम देकर भागते हुए कैद हो गए। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर मृतक की पत्नी रीना से सख्ती से पूछताछ की। उसने अपने प्रेमी देवेंद्र यादव और अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी रीना और आरोपी देवेंद्र दोनों इंदौर में एक क्लेम एक्सपर्ट वकील के पास कार्यरत थे। बताया गया है कि रीना क्लेम का कार्य देखती थी और देवेंद्र वकील का वाहन चालक था। करीब तीन वर्षों से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। आरोपी पत्नी ने पति को रास्ते से हटाकर बीमा क्लेम की राशि हड़पने की साजिश रची थी। पत्नी और प्रेमी 8 जनवरी को इंदौर से देवास आए और मृतक को पत्नी ने बीयर में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई। इसके बाद आरोपी देवेंद्र यादव और संजय उर्फ संजू ने उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद मृतक की पत्नी ने खून से सने कपड़े धोकर सबूत मिटाए। इसके बाद तीनों आरोपियों ने शव को मृतक की मोटरसाइकिल से चौथे आरोपी मनीष उर्फ रोहित की मदद से नोसराबाद बायपास पर फेंक दिया। घटना को सड़त दुर्घटना का रूप देने के लिए मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त किया और सभी आरोपी वहां से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपी रीना मालवीय, प्रेमी देवेंद्र यादव (निवासी नलखेड़ा थाना मधुसूदनगढ़ जिला गुना हाल मुकाम लुनियापुरा थाना रावजी बाजार इंदौर), संजय उर्फ संजू (निवासी ग्राम भेंसाना थाना बोड़ा जिला राजगढ़ हाल मुकाम कृष्णबाग कालोनी थाना खजराना इंदौर) और मनीष उर्फ रोहित (निवासी ग्राम भेंसाना हाल मुकाम भूरी टेकरी थाना कनाडिय़ा इंदौर) को गिरफ्तार किया है।
इस पूरे मामले का खुलासा करने में सिविल लाइन थाना प्रभारी हितेश पाटिल, उनि पर्वत सिंह परिहार, सउनि राकेश तिवारी, संध्या पांडे, प्रआर पवन पटेल, घनश्याम अर्जने, प्रआर प्रीति मालवीय, आर अरूण चावड़ा, हितेश कुशवाह, मातादीन, जितेंद्र सिसौदिया व सायबर सेल टीम में प्रआर सचिन चौहान, शिवप्रताप सिंह सेंगर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।