
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 10.60 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। पीड़िता ब्लाउज सिलाई की दुकान चलाती है। शिकायत के अनुसार परिचित महिला ने अपने पति के साथ मिलकर उसे पुलिस भर्ती परीक्षा में पास कराने और नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद मंदसौर जिले में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) पद का फर्जी जॉइनिंग लेटर व्हाट्सएप पर भेजा और नकद व आनलाइन माध्यम से रुपये ले लिए।
सिविल लाइन पुलिस को की गई शिकायत में विश्वकर्मा नगर निवासी अर्चना कुमावत ने बताया कि वह उज्जैन रोड पर ब्लाउज सिलाई की दुकान चलाती हैं। मिश्रीलाल नगर निवासी नीतू कुमावत उनकी दुकान पर कपड़े सिलवाने आती थी। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई। अर्चना ने 3 सितंबर 2023 को पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन उनके नंबर कम आए। इसकी जानकारी नीतू को दी तो उसने अपने पति नरेंद्र कुमावत के जरिए परीक्षा में पास कराने और नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।
शिकायत के मुताबिक 5 सितंबर 2023 को नीतू अपने पति नरेंद्र के साथ अर्चना की दुकान पर पहुंची। नरेंद्र ने अर्चना के व्हाट्सएप पर मंदसौर जिले में एएसआई पद का जॉइनिंग लेटर भेजा। इस पर भरोसा कर अर्चना और उनके परिवार ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर आरोपियों को 10 लाख 50 हजार रुपये नकद और 10 हजार रुपये फोन के माध्यम से आनलाइन दिए।
शिकायत के अनुसार रुपये लेने के बाद आरोपित करीब तीन महीने तक भोपाल में वेरिफिकेशन होने की बात कहकर उन्हें टालते रहे। संदेह होने पर वह स्वजन के साथ नरेंद्र के मिश्रीलाल नगर स्थित किराए के मकान पर पहुंचीं और रुपये वापस मांगे। इस पर आरोपित ने एक महीने में रकम लौटाने का आश्वासन दिया।
हालांकि कुछ समय बाद अर्चना दोबारा वहां पहुंचीं तो पता चला कि आरोपी मकान खाली कर जा चुके हैं। सिविल लाइन टीआई विजयसिंह लोधी ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
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