
नईदुनिया न्यूज, टांडा (धार) : कपास की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाकर अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था। बाहर से देखने पर खेत में कपास की खेती नजर आती थी, लेकिन इसी फसल की आड़ में गांजे के पौधे भी तैयार किए जा रहे थे।
ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने ग्राम जाली में कार्रवाई कर गांजे के 1134 हरे पौधे जब्त किए हैं। इनका कुल वजन 518.335 किलोग्राम और अनुमानित बाजार मूल्य करीब एक करोड़ तीन लाख रुपये बताया गया है।
ग्राम जाली निवासी भंगड़ा पुत्र थावला कटारा को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया है। पूछताछ में गांजे के बीज के स्रोत, खेती के उद्देश्य और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपित ने कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम भी बताए हैं, जो फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
मनावर : उमरबन क्षेत्र के ग्राम करौंदिया खुर्द में खेती की आड़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। किसान अपने खेत में कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे के पौधे उगा रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर अवैध खेती का पर्दाफाश किया।
खेत से गांजे के 150 हरे पौधे जब्त किए हैं, जिसका कुल वजन चार क्विंटल 51 किलोग्राम और अनुमानित कीमत चार लाख 12 हजार रुपये बताई गई है। प्रेस वार्ता में एसडीओपी प्रदीप वाल्टर ने बताया कि आपरेशन प्रहार के तहत ग्राम करौंदिया खुर्द में एक किसान फसल के बीच अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखा था।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने खेत पर दबिश दी, जहां सामान्य फसलों के बीच गांजे के पौधे लगे मिले। पुलिस ने सभी 150 हरे पौधों को जब्त किए। मौके से आरोपित मुन्ना पुत्र खुमसिंह गावड़ निवासी करौंदिया खुर्द को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। जब्त पौधों का वजन 451 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 54 लाख 12 हजार रुपये आंकी गई है।
मनावर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गांजे की अवैध खेती के मामले लगातार सामने आने के बाद पुलिस ने इस पर निगरानी और कार्रवाई तेज की है। ऑपरेशन प्रहार के तहत पिछले दो माह में गांजे की अवैध खेती के विरुद्ध यह मनावर पुलिस की 10वीं कार्रवाई है। इन दो महीनों में पुलिस ने कुल 10 प्रकरण दर्ज कर संबंधित आरोपितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है।
लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। कई मामलों में गांजे के पौधे कपास, तुअर और अन्य फसलों के बीच लगाए जा रहे हैं, ताकि खेत में आने-जाने वाले लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सके। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाना महत्वपूर्ण हो गया है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश यादव, उमरबन चौकी प्रभारी प्रकाश अलावा, प्रधान आरक्षक आमिर अंसारी, ललित कुमरावत, गंगाराम और शैलेंद्र का सहयोग रहा।
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