
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : सनातन प्रहरी की शुक्रवार रात बाविसा समाज धर्मशाला में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें हाल ही में निकाले गए वराह मार्च की समीक्षा की गई। कार्यकर्ताओं ने मार्च के उद्देश्य और इसके माध्यम से हिंदू समाज तक पहुंचाए गए संदेश पर चर्चा की।
बैठक में बताया गया कि वराह मार्च का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को विजय कीर्ति मंदिर और भगवान वराह से जुड़े इतिहास एवं महत्व से अवगत कराना था। संगठन के अनुसार, अभियान के पहले चरण में ये उद्देश्य पूरा हुआ है।
बैठक में सनातन प्रहरी के आशीष बसु ने कहा कि वराह मार्च के माध्यम से हिंदू समाज के लोगों को भगवान वराह और विजय कीर्ति मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। अब अभियान को आगे बढ़ाते हुए इसके दूसरे चरण की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया है। इस चरण में कार्यकर्ता समाज के बीच पहुंचकर भगवान वराह से जुड़े इतिहास और धार्मिक महत्व की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे।
अभियान के दूसरे चरण में सनातन प्रहरी के कार्यकर्ता हिंदू समाज के घर-घर पहुंचेंगे। प्रत्येक परिवार को भगवान वराह का चित्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए 100 रुपए शुल्क लिया जाएगा। कार्यकर्ता परिवारों से भगवान वराह के चित्र को अपने घर के देवालय में स्थापित करने का आग्रह करेंगे।
साथ ही मार्तंड प्रसाद यानी वर्तमान विजय कीर्ति मंदिर के इतिहास के बारे में भी हिंदू समाज को विस्तार से जानकारी देने की योजना है। संगठन का उद्देश्य भगवान वराह और विजय कीर्ति मंदिर से जुड़े इतिहास को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाना बताया गया।
बैठक में वराह मार्च में शामिल होने वाले हिंदू नवयुवकों का सम्मान भी किया गया। संगठन की ओर से कहा गया कि विभिन्न प्रतिबंधों और परिस्थितियों के बावजूद जो युवा वराह मार्च में शामिल होने के लिए पहुंचे, उनका उत्साह सराहनीय रहा।
कार्यकर्ताओं ने अभियान के दूसरे चरण को भी उत्साह के साथ आगे बढ़ाने की बात कही। बैठक में सनातन प्रहरी के संयोजक विक्रम रोंदले, अंशुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। समिति के प्रचार प्रमुख बाला शितोले ने जानकारी दी।
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