भोजशाला विवाद में आज सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, अंतरिम व्यवस्था पर टिकी हैं दोनों पक्षों की निगाहें
ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी।
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 07:32:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 07:44:57 AM (IST)
HighLights
- खसरा क्रमांक 612 पर पहली बार शुक्रवार की नमाज पढ़ी गई थी
- क्या मौजूदा अंतरिम व्यवस्था आगे जारी रहेगी
- मस्जिद पक्ष भी अंतिम सुनवाई के लिए कर रहा तैयारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। मामला न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ के समक्ष सूची में क्रमांक 177 पर सूचीबद्ध है।
पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद भोजशाला के पीछे स्थित खसरा क्रमांक 612 पर पहली बार शुक्रवार की नमाज पढ़ी गई थी।
क्या मौजूदा अंतरिम व्यवस्था आगे जारी रहेगी या कोई नया निर्देश जारी होगा
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मौजूदा अंतरिम व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी या कोई नया निर्देश जारी होगा। यदि सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा जाता है, तो यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अंतिम निर्णय आने तक नमाज की व्यवस्था किस आधार पर संचालित होगी।
मंदिर पक्ष और मस्जिद पक्ष, दोनों की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि अदालत के अगले निर्देश से ही प्रशासन की आगे की व्यवस्था की दिशा तय होगी।
मस्जिद पक्ष कर रहा पक्ष रखने की तैयारी
दूसरी ओर, मस्जिद पक्ष भी अंतिम सुनवाई के लिए अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में जुटा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, मुस्लिम पर्सनल ला से जुड़े विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सलाह के आधार पर कानूनी रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि अंतरिम याचिका और मूल विवाद दोनों पर अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
हाई कोर्ट वाग्देवी का मंदिर मानने का निर्णय दे चुका है
बता दें कि लंबे कानूनी विवाद के बाद ऐतिहासिक भोजशाला को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ वाग्देवी का मंदिर मानने का निर्णय दे चुकी है। इसको चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष की ओर से दायर अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तिथि तय कर तब तक के लिए प्रत्येक शुक्रवार को नमाज की अंतरिम व्यवस्था करने के निर्देश धार प्रशासन को दिए थे।