धार में अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए मांगी रिश्वत, लाइन परिचालक चार हजार रुपये लेते पकड़ाया
अस्थायी बिजली कनेक्शन को स्थायी करने के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने शुक्रवार को बदनावर में कार्रवाई करते हुए बिजली कंप...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 02:19:36 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 02:19:36 PM (IST)
आरोपी लाइनमैन। -सौजन्यHighLights
- अस्थायी कनेक्शन स्थायी करने के एवज में मांगे थे 20 हजार रुपये
- पहले 15 हजार लेने के बाद शेष राशि के लिए बना रहा था दबाव
- लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत के रुपये लेते रंगेहाथों पकड़ा
नईदुनिया प्रतिनिधि, बदनावर (धार) : अस्थायी बिजली कनेक्शन को स्थायी करने के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने शुक्रवार को बदनावर में कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनी के लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन को 4 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता से काम करने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें से 10 हजार रुपये नकद और 5 हजार रुपये ऑनलाइन पहले ही लिए जा चुके थे। शेष राशि में से 4 हजार रुपये लेते हुए लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।
आवेदन लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन को दिया था
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, ग्राम बालोदा माझी निवासी राजेश दास (38) ने 22 अक्टूबर को इंदौर स्थित लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर अस्थायी बिजली कनेक्शन था, जिसे स्थायी करवाने के लिए उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन को दिया था।
आरोप है कि संबंधित काम करने के बदले कर्मचारी ने करीब तीन माह पहले 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह 10 हजार रुपये नकद और 5 हजार रुपये ऑनलाइन दे चुका था। इसके बाद भी शेष राशि के लिए उससे रुपये मांगे जा रहे थे।
शिकायत का सत्यापन कराया गया
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को ट्रेप की योजना बनाई गई। निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में गठित टीम ने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बदनावर ग्रामीण कार्यालय में कार्रवाई की। इस दौरान सौरभ कुमार जैन को शिकायतकर्ता से 4 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में निरीक्षक सचिन पटेरिया, प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा तथा आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, सतीश यादव और कृष्ण अहिरवार शामिल रहे।