
नईदुनिया प्रतिनिधि,धार। स्वतंत्रता दिवस पर ग्राम खेरवास में ध्वजारोहण करने पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि रजनीश मालवीय को ग्रामीणों ने गांव की ऐसी तस्वीर दिखाई, जो किसी भाषण या शिकायत से ज्यादा असरदार थी। कार्यक्रम के बाद ग्रामीण उन्हें जलभराव और कीचड़ से भरे वाले रास्ते पर पैदल लेकर गए। ग्रामीणों का कहना था कि जिस रास्ते से वे रोज पानी में होकर गुजरते हैं,उसी रास्ते पर जिम्मेदार भी चले,तभी समस्या की वास्तविकता समझ आएगी।
औद्योगिक क्षेत्र के समीप स्थित ग्राम पंचायत खेरवास में वर्षा के बाद कई रास्तों पर पानी जमा हो जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पानी कई दिनों तक नहीं निकलता। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को इसी पानी से होकर आवागमन करना पड़ता है। फिसलने और दुर्घटना के साथ गंदे पानी से बीमारी का खतरा भी बना रहता है। यह समस्या लंबे समय से है,लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ।
ध्वजारोहण के बाद दिखाए हालात
स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल में ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के बाद ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। इसके बाद उन्हें मौके पर ले जाकर जलभराव दिखाया गया और पानी-कीचड़ से भरे रास्ते पर पैदल चलाया। ग्रामीणों ने कहा कि विकास की बातें मंच से करना आसान है,लेकिन जनता की परेशानी इन्हीं रास्तों पर दिखाई देती है। उन्होंने स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की।
तस्वीरें बनीं व्यवस्था का आईना
पूरे घटनाक्रम को ग्रामीणों ने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। फोटो और वीडियो में सरपंच प्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ पानी भरे रास्ते से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। बाद में यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि जिम्मेदार एक बार उनकी परेशानी खुद महसूस करेंगे तो समस्या की गंभीरता समझ सकेंगे। अब सवाल यही है कि पानी में उतरकर समस्या देखने के बाद समाधान भी जमीन पर उतरेगा या अगली बरसात में ग्रामीण फिर उसी पानी से होकर गुजरेंगे।
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जल्द सुधार का आश्वासन
सरपंच प्रतिनिधि रजनीश मालवीय ने बताया कि पंचायत क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी फैली हुई है और जलभराव वाला स्थान गांव का एक मजरा है। उनके अनुसार कुछ मकानों के सामने मुरम डाल दिए जाने से पानी की निकासी बाधित हुई है,जिसके कारण सड़क पर जलभराव हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगले तीन-चार दिनों में संबंधित स्थानों पर मुरम डलवाकर रास्ते दुरुस्त करवाए जाएंगे। गांव के अन्य हिस्सों में अधिकांश सड़कें सीसी रोड हैं और वहां ऐसी परेशानी नहीं है।
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