
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार-बरमंडल : गांव की गलियों में जब भी दिलीप पुरी की गाड़ी आकर रुकती थी तो घर में खुशियां लौट आती थीं। मां को बेटे के आने का इंतजार रहता था, पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता था । लेकिन सोमवार को जब वही दिलीप देवास से तिरंगे में लिपटकर अपने पैतृक गांव बरमंडल पहुंचे तो न किसी के चेहरे पर खुशी थी और न स्वागत की कोई आवाज चारों ओर सिर्फ सिसकियां थीं।
मां ने पार्थिव शरीर से लिपटकर कहा- मुझे क्यों छोड़कर चला गया मेरा लाल... पिता की आंखें बेटे को आखिरी बार निहारती रहीं। पत्नी बार-बार पुकारती रही- ऐजी उठिए। मासूम बेटा-बेटी भी पापा को आवाज देते रहे- पापा उठो, हमें घुमाने कौन ले जाएगा। एक परिवार ही नहीं, पूरा गांव अपने बेटे को इस तरह लौटता देखकर टूट गया।इधर गांव में भी शोक छाया रहा।

बरमंडल में टीआई दिलीप को सशस्त्र पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी देकर सम्मानित करते हुए। -नईदुनिया
गांव की गलियों में बचपन बिताने वाले दिलीप ने अपनी मेहनत से पुलिस विभाग में पहचान बनाई थी। लोगों को सही राह दिखाने वाला यह बेटा अब हमेशा के लिए खामोश था। मां का लाडला, पिता का अभिमान, पत्नी का जीवनसाथी और बच्चों का दुलारा उनसे हमेशा के लिए दूर हो गया। भाई-बहनों के लिए घर में मस्ती और खुशियां बिखेरने वाला भाई भी अब नहीं लौटेगा। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही घर से लेकर गांव की गलियों तक मातम छा गया। हर कोई अपने गांव के इस सपूत को आखिरी बार देखने पहुंचा।
स्वजन के अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को सुसज्जित रथ में रखकर समाधि स्थल तक ले जाया गया। गांव की गलियों से निकली अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और रिश्तेदार शामिल हुए। रास्ते में देशभक्ति गीत गूंजते रहे। लोग हाथ जोड़कर और नम आंखों से अपने गांव के वीर सपूत को विदाई देते रहे।
समाधि स्थल पर पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और हवाई फायर कर सलामी दी। इसके बाद पूरे विधि-विधान और राजकीय सम्मान के साथ टीआई दिलीप कुमार पुरी को समाधि दी गई। बरमंडल ही नहीं, जिलेभर से पहुंचे लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम विदाई के दौरान कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा ने कंधा देकर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इंदौर आईजी अनुराग, कमिश्नर सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने दिवंगत टीआई के घर जाकर स्वजन से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
आईजी अनुराग ने कहा कि दिलीप कुमार पुरी पुलिस परिवार के बहादुर और होनहार सदस्य थे। उनके निधन से पूरा विभाग दुखी है। इस कठिन समय में पुलिस विभाग परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
स्वजन ने आईजी और कमिश्नर के सामने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने दिलीप पुरी की पत्नी को शासकीय अनुकंपा नियुक्ति देने, घटना के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई करने और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने खातेगांव में अवैध शराब से भरे वाहन को रोकने के दौरान थाना प्रभारी की कुचलकर हत्या किए जाने की घटना को गंभीर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। सागर, देवास के बाद खातेगांव में सामने आई घटना के पीछे सक्रिय लोगों और उन्हें मिल रहे संरक्षण की जांच जरूरी है।
उन्होंने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही सवाल उठाया कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने की बातों के बीच अवैध शराब का कारोबार आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है।
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