
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : दाहोद-इंदौर नई रेल लाइन परियोजना के तहत टीही-धार रेलखंड पर 25 केवी एसी विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर रजनीश कुमार गोयल ने रेलखंड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान विद्युतीकरण से संबंधित कार्यों और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। साथ ही विद्युत इंजन का ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा हुआ। अधिकारियों ने टीही से परख इंजन से निरीक्षण करना आरंभ किया था और शाम तीन बजे धार पहुंचे।
अब इस रेलखंड पर विद्युत इंजन से यात्री ट्रेन चलाने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम रेल सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 और 6 नवंबर को रेल सुरक्षा आयुक्त, पश्चिमी परिमंडल रेलखंड का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान गति परीक्षण भी किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद टीही से धार तक रेल परिचालन का रास्ता साफ हो सकेगा।
टीही स्टेशन से धार स्टेशन तक नवनिर्मित सिंगल लाइन रेलखंड की लंबाई 47.14 रूट किमी और 59.76 ट्रैक किमी है। इसमें 2.957 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है। रेलखंड पर 25 केवी एसी ओवरहेड विद्युत लाइन, सिग्नलिंग, सुरंग निर्माण सहित अन्य जरूरी कार्य पूरे हो चुके हैं। इससे पहले 2 नवंबर को निर्माण विभाग ने विद्युत इंजन चलाकर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैक की क्षमता का परीक्षण किया था। अब रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण और गति परीक्षण पर सभी की नजरें रहेंगी।
धार से इंदौर और इंदौर से धार के बीच यात्री ट्रेन शुरू करने को लेकर रेलवे स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पश्चिम रेलवे की ओर से धार-इंदौर के बीच मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजा गया है। 5 और 6 नवंबर को रेल सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण और गति परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर इस संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
हालांकि रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा रेल सुविधा का विस्तार करते हुए लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों को महू से धार तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो धार और आसपास के आदिवासी अंचल के यात्रियों को इंदौर सहित अन्य शहरों तक आवागमन में बड़ी सुविधा मिल सकती है।
दाहोद-इंदौर रेल परियोजना के लोकार्पण को लेकर भी तैयारियां और संभावनाएं सामने आ रही हैं। दिसंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना का लोकार्पण कर सकते हैं। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय तक जानकारी पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।
संभावना है कि प्रधानमंत्री धार पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रम में शामिल हों और परियोजना का लोकार्पण करें अथवा वर्चुअल माध्यम से इसकी शुरुआत करें। हालांकि रेलवे की ओर से अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री पोर्टल के माध्यम से भी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना की निगरानी की जाती रही है। ऐसे में आदिवासी अंचल को रेल सुविधा की सौगात देने वाली इस परियोजना के लोकार्पण को लेकर प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
अब रेलवे सुरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवासन पांच नवंबर को टीही से गुणावद और छह नवंबर को गुणावद से धार तक रेलखंड का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान ट्रैक, पुल-पुलियाओं और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच होगी। सीआरएस की अनुमति मिलने पर धार और इंदौर के बीच यात्री ट्रेन संचालन का रास्ता साफ हो सकेगा।
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