
फारसी में दर्ज रानी रूपमती और बाज बहादुर के लिखे गीतों का अंग्रेजी अनुवाद
- मांडू पर पांच साल शोध कर लेखिका ने लिखा उपन्यास
- पर्यटन को बढ़ावा देने की चाहत
प्रेमविजय पाटिल
धार। नईदुनिया
रानी रूपमती और बाज बहादुर द्वारा लिखे गीतों को फारसी के दायरे से बाहर निकाला। अंग्रेजी में अनुवाद किया। दोनों किरदारों को फिर से गढ़कर उपन्यास लिखा। मांडू में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कहानी या उपन्यास भी एक माध्यम हो सकता है, यह नजरिया पेश किया है दक्षिण भारत की उपन्यासकार डा. मालती रामचंद्रन ने।
पांच साल पहले बेटी के साथ मांडू घूमने आई डा. रामचंद्रन ने उसी समय से इस पर शोध शुरू कर दिया था। 16वीं शताब्दी की पर्शियन किताब की मदद ली। कई इतिहासकारों को पढ़ा। मैं चाहती हूं कि इस नए रूप को सभी लोग पढ़े और उस के माध्यम से मांडू के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ में इसकी एक अभूतपूर्व स्थली पर चले आए। उन्होंने बताया कि मैंने पहली बार रानी रूपमती और बाज बहादुर के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। उपन्यास में मैंने महत्वपूर्ण रूप से बाज बहादुर की पत्नी के चरित्र का भी वर्णन किया है। इसमें वह रानी रूपमती के प्रति षड्यंत्र करती है और जलन रखती है।
अभूतपूर्व गीतों का संग्रह
डा रामचंद्र ने उपन्यास में रूपमती और बाज बहादुर द्वारा लिखे गए गीतों को अंग्रेजी में अनुवाद करवाकर उसे प्रस्तुत किया है, जबकि यह मूल रूप से फारसी में लिखे हुए थे।