MP में पानी पीने वाले कुएं में अधिक ब्लीचिंग से मछलियां मृत, नगर में हड़कंप
आरोप है कि अप्रशिक्षित कर्मचारी ने बिना किसी निर्धारित मापदंड के अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डाल दी, जिससे कुएं में मौजूद सभी मछलियां मर गईं। इसके बाद वह ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Jan 2026 07:27:31 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Jan 2026 07:33:05 PM (IST)
- धरमपुरी में पेयजल वितरण के कुएं में अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डालने से मछलियां मारी गई। नईदुनियाHighLights
- ब्लिचिंग पाउडर डालकर शुद्ध पेयजल के निर्देश हुए थे।
- अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डालने के कारण मछलियां मरीं।
- उन्हें बाहर निकालकर कुएं का पानी साफ किया गया
नईदुनिया न्यूज, धरमपुरी। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट है और लगातार पेयजल की निगरानी की जा रही है। इन सब के बीच शुक्रवार को नगर के पेयजल वितरण कुएं में अधिक मात्रा में ब्लिचिंग पाउडर डालने से कुएं की सारी मछलियां मर गईं, जिससे नगर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर शनिवार को मृत मछलियों को कुएं से बाहर निकाला गया।
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नगर में पेयजल वितरण के लिए मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत करोड़ों रु की लागत से पेयजल लाइन और फिल्टर प्लांट का निर्माण किया गया था, लेकिन इसके बावजूद दशकों पुराने कुएं से भी पेयजल का वितरण जारी है। शासन के निर्देश पर शुक्रवार को कुओं में पानी को शुद्ध करने के लिए ब्लिचिंग पाउडर डाला गया था।
आरोप है कि अप्रशिक्षित कर्मचारी ने बिना किसी निर्धारित मापदंड के अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डाल दी, जिससे कुएं में मौजूद सभी मछलियां मर गईं। इसके बाद वही पानी नगर परिषद द्वारा नागरिकों को वितरित कर दिया गया। इस घटना के बाद नगर में चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने पानी में अधिक ब्लिचिंग मिलाने की शिकायत भी की थी, लेकिन मामला तब सुर्खियों में आया जब मछलियां मृत पाईं गईं।
सीएमओ बलराम भुरे ने बताया कि शासन से पेयजल स्रोतों में ब्लिचिंग पाउडर डालकर शुद्ध पेयजल वितरित करने के निर्देश प्राप्त हुए थे। गलती से अधिक मात्रा में ब्लिचिंग डालने के कारण मछलियां मरीं। उन्हें बाहर निकालकर कुएं का पानी साफ किया गया और पुनः शुद्ध पेयजल वितरण प्रारंभ कर दिया गया है।