धार के ग्रामीण इलाके में रात को घरों के आसपास शावक के साथ घूमते दिखी मादा तेंदुआ, गांव में दहशत
बड़-नयागांव फोरलेन से लगे ग्राम माकनी के नयापुरा मोहल्ले में शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब एक मादा तेंदुआ अपने शावक के...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 03:44:49 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 03:55:10 PM (IST)
गांव में घूमती मादा तेंदुआ। (वीडियो ग्रैब)HighLights
- रात डेढ़ बजे नयापुरा मोहल्ले में नजर आया
- वन विभाग ने ग्रामीणों को किया सतर्क
- तेंदुआ बाद में पीलियाखाल की ओर जंगल में चली गई
नईदुनिया न्यूज, बदनावर (धार) : लेबड़-नयागांव फोरलेन से लगे ग्राम माकनी के नयापुरा मोहल्ले में शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब एक मादा तेंदुआ अपने शावक के साथ घूमती दिखाई दी। कुछ युवकों ने तेंदुए को गांव में देखा। इसके बाद सूचना तेजी से ग्रामीणों तक पहुंची और वन विभाग को भी इसकी जानकारी दी गई। मादा तेंदुआ बाद में पीलियाखाल की ओर जंगल में चली गई।
ग्रामीण जितेंद्र पंडित ने सबसे पहले मादा तेंदुए को शावक के साथ देखा। इसके बाद वासुदेव और संजय ने भी उसे देखा। मादा तेंदुआ कुछ समय तक घरों के आसपास ही घूमती रही। ग्रामीणों के अनुसार वह करीब आधे घंटे तक एक घर के बाड़े में तथा करीब एक घंटे तक घर के सामने नजर आई। लोगों ने दूर से मोबाइल में तेंदुए और उसके शावक का वीडियो भी बनाया। घटना के बाद गांव में रातभर सतर्कता बनी रही।
उपसरपंच प्रतिनिधि रितेश राठौर ने बताया कि कुछ युवकों ने सबसे पहले तेंदुए को शावक के साथ देखा था। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई और ग्रामीणों को भी सतर्क कर दिया गया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र का निरीक्षण किया।
गीली जमीन के कारण नहीं मिले पगमार्क
सरदारपुर वन मंडल के उपक्षेत्राधिकारी विक्रम निनामा ने बताया कि रात में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद शनिवार सुबह टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जमीन गीली होने के बावजूद तेंदुए के स्पष्ट पगमार्क नहीं मिले। हालांकि मौके से विष्टा मिला है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया यह तेंदुए का ही प्रतीत हो रहा है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो भी टीम के संज्ञान में आए हैं।
सरदारपुर वन मंडल के उपक्षेत्राधिकारी विक्रम निनामा के अनुसार फिलहाल तेंदुए के गांव में दोबारा दिखाई देने की कोई सूचना नहीं मिली है। वन विभाग का अनुमान है कि मादा तेंदुआ संभवतः रास्ता भटककर गांव की ओर आ गई होगी। उन्होंने बताया कि तेंदुआ एक रात में करीब 40 किमी लंबी दूरी तय कर सकता है और क्षेत्र में उसका मूवमेंट मांडव व धार की ओर भी रहता है। ऐसे में उसके यहां तक पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बच्चों को अकेले बाहर नहीं निकलने देने की दी हिदायत
घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें सतर्क रहने की समझाइश दी है। बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं भेजने और खेतों पर जाते समय समूह में जाने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने तथा तेंदुआ या उसके शावक दिखाई देने पर उसके पास जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है।