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इंदौर, उज्जैन और धार के लिए खुशखबरी... ₹3,839 करोड़ की परियोजना का काम शुरू, 50 से अधिक गांवों को जोड़ेगा नया फोरलेन

NH-752D Highway Construction: अब तक नक्शे और योजना में नजर आ रहा बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी फोरलेन (एनएच-752डी) धरातल पर आकार लेने लगा है।

By Rais MohammadEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 04:57:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 04:57:32 PM (IST)
इंदौर, उज्जैन और धार के लिए खुशखबरी... ₹3,839 करोड़ की परियोजना का काम शुरू, 50 से अधिक गांवों को जोड़ेगा नया फोरलेन
धरातल पर उतरने लगा बदनावर-थांदला फोरलेन। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. धरातल पर उतरने लगा बदनावर-थांदला फोरलेन
  2. ₹3,839 करोड़ की परियोजना का काम शुरू
  3. जीरो पॉइंट से नागेश्वर धाम तक बदलेगी तस्वीर

नईदुनिया न्यूज, बदनावर। अब तक नक्शे और योजना में नजर आ रहा बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी फोरलेन (एनएच-752डी) धरातल पर आकार लेने लगा है। पेटलावद मार्ग पर पिपलीपाड़ा के आगे निर्माण एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में करीब 10 किलोमीटर हिस्से में सड़क की लेवलिंग की जा रही है।

यह सड़क सिर्फ उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता नहीं बनेगी, बल्कि भैंसोला में विकसित हो रहे पीएम मित्रा पार्क के लिए भी महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। वहीं माही नदी के पास कुछ लोगों ने मुआवजा नहीं मिलने पर सड़क निर्माण का काम रुकवा दिया है।


परियोजना की लागत 3839.42 करोड़ रुपये

सिंहस्थ 2028 से पहले इस मार्ग की उपयोगिता और बढ़ गई है, हालांकि परियोजना का लाभ निर्माण पूरा होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन प्रस्तावित इस मार्ग की लंबाई 80.45 किलोमीटर है और परियोजना की लागत 3839.42 करोड़ रुपये बताई गई है।

गुजरात की कंपनी जीएचवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को निर्माण का ठेका मिला है। मार्ग का अलाइनमेंट मौजूदा सड़क को उन्नत करने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बाईपास विकसित करने के आधार पर तैयार किया गया है। इसके पूरा होने पर धार और झाबुआ जिले के ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों का आवागमन आसान होने तथा उज्जैन से एक्सप्रेस-वे तक यात्रा में करीब एक घंटे की बचत होने की उम्मीद है।

जीरो पाइंट से नागेश्वर धाम तक भी बदलेगी सड़क की तस्वीर

बदनावर की बड़ी चौपाटी के पास स्थित जीरो पाइंट से नागेश्वर धाम तक का हिस्सा भी परियोजना में महत्वपूर्ण है। उज्जैन-बदनावर फोरलेन के निर्माण के दौरान यहां सड़क का एक हिस्सा पहले ही बनाया जा चुका है। अब इसके दूसरी ओर करीब तीन किलोमीटर हिस्से में टू-लेन सड़क बनाई जाएगी, ताकि इस खंड को फोरलेन स्वरूप दिया जा सके। इससे सड़क की क्षमता बढ़ेगी और वाहनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी।

पीएम मित्रा पार्क के लिए कनेक्टिविटी की अहमियत

भैंसोला में विकसित हो रहा पीएम मित्रा पार्क क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की बड़ी संभावनाओं से जुड़ा है। कपड़ा उद्योग की इकाइयां स्थापित होने के साथ कच्चे माल, तैयार उत्पाद और श्रमिकों की आवाजाही बढ़ेगी। ऐसे में बदनावर से पेटलावद, थांदला और टिमरवानी तक बेहतर सड़क संपर्क उद्योगों के परिवहन खर्च और समय को कम करने में सहायक हो सकता है। हालांकि इसका वास्तविक असर पार्क में इकाइयों के संचालन और फोरलेन निर्माण पूरा होने के बाद ही आकलित किया जा सकेगा।

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मुआवजे के 70 से 80 प्रकरण बाकी

सड़क निर्माण के लिए बदनावर क्षेत्र में 276 भू-स्वामियों को करीब 25 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 70 से 80 लोगों के प्रकरणों में अवार्ड पारित होने या मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शेष है। यह फोरलेन बदनावर क्षेत्र के 14 और पेटलावद, थांदला व मेघनगर क्षेत्र के करीब 36 गांवों सहित 50 से अधिक गांवों और कस्बों को जोड़ेगा।

परियोजना का भूमिपूजन 10 अप्रैल 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में किया था। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर इस मार्ग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि शुरुआती निर्माण कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और भूमि अधिग्रहण के शेष प्रकरण कब तक सुलझते हैं। सड़क तैयार होने पर धार्मिक यातायात के साथ क्षेत्र के व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बेहतर संपर्क मिलने की उम्मीद है।

मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जारी

तहसीलदार सुरेश नागर के अनुसार भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जारी है। शेष प्रकरणों का निराकरण कर नियमानुसार भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।