
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : अब तक अलग-अलग बहने वाली नर्मदा और माही का अनोखा मिलन गुरुवार को सरदारपुर क्षेत्र में देखने को मिला। नर्मदा उद्वहन सिंचाई योजना का पानी माही नदी के उद्गम स्थल तक पहुंचा तो वहां नर्मदा जल की धार के साथ संगम का नजारा बन गया। पानी की धार देखकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह छा गया। किसानों को उम्मीद है कि नर्मदा का ये पानी खेतों में हरियाली और खुशहाली लाने में मददगार बनेगा।
नर्मदा जल माही उद्गम स्थल के साथ श्याम तालाब, इमलीपुरा, मिंडा तालाब के ओवरफ्लो, हातोद और गोलपुरा तक भी पहुंचा है। क्षेत्रवासियों ने इसे सिंचाई और खेती के लिए नई उम्मीद बताते हुए खुशी जताई। इस दौरान जिला पंचायत के पूर्व सदस्य कमल यादव का भी लोगों ने स्वागत किया।
धार : टांडा थाना क्षेत्र के जामदा-भूतिया इलाके में नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की पाइपलाइन से छेड़छाड़ और वाल्व चोरी की घटनाएं परियोजना के संचालन के लिए चुनौती बन रही हैं। क्षेत्र में पाइप लाइन से जुड़े दो एयर वॉल्व चोरी होने का मामला सामने आया है। इस तरह की अब तक चार घटना हो चुकी है।
वहीं, सूखे जैसे हालात में स्थानीय स्तर पर सिंचाई के लिए पानी लेने की कोशिश में पाइप लाइन को जगह-जगह खोलने और नुकसान पहुंचाने की घटनाओं से भी जल वितरण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। परियोजना का लोकार्पण कुछ दिन पहले ही हुआ है, ऐसे में शुरुआती दौर में ही पाइप लाइन की सुरक्षा और पानी के व्यवस्थित वितरण का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है।
टांडा थाना पुलिस के अनुसार, ग्राम चूनपिया, होलीबयड़ा, जामदा और भूतिया क्षेत्र में सिंचाई परियोजना की पाइपलाइन से दो वाल्व चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। फरियादी राम सकल रजक निवासी पीजी कॉलेज के पीछे झाबुआ की रिपोर्ट पर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। चोरी की घटना 22 जून की रात 11 बजे से 23 जून की सुबह 5 बजे के बीच हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जामदा का नहीं मिल रहा है पानीटांडा थाना क्षेत्र का जामदा-भूतिया इलाका इस मामले में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से गुजरने वाली मुख्य पाइपलाइन के जरिए सरदारपुर और आगे झाबुआ जिले के क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया जाना है। कम वर्षा और सूखे जैसे हालात में स्थानीय किसान भी सिंचाई के लिए पानी चाहते हैं। ऐसे में कुछ स्थानों पर पाइप लाइन खोलकर पानी लेने अथवा उसमें तोड़फोड़ करने की स्थिति बन रही है।
इससे पानी का अनियंत्रित प्रवाह होने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे पानी पहुंचाने में कठिनाई पैदा हो सकती है। इसका असर उन क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है, जहां इस परियोजना के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सरदारपुर में 24 अक्टूबर को परियोजना का लोकार्पण किया था। अब निर्धारित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इसके लिए पाइपलाइन के संवेदनशील हिस्सों पर निगरानी, वाल्वों की सुरक्षा और समय पर रखरखाव जरूरी है। पुलिस के सामने चोरी की घटनाओं की जांच कर संबंधित लोगों तक पहुंचने की चुनौती है।
साहब, हमारी भी मजबूरी है...हमें भी चाहिए नर्मदा का पानी’ पाइप से ड्रम में पानी भरती महिला का एक वीडियो सामने आया है। इसमें महिलाएं अपनी मजबूरी बताते हुए कह रही हैं कि इस साल पहले ही वर्षा कम हुई है। ऐसे में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। महिलाओं का कहना है कि जब दूसरे लोग वाल्व से पानी ले जा रहे हैं, तो उन्होंने भी पानी लेने का प्रयास किया।
उनका कहना है कि यह पानी चोरी करने की मंशा से नहीं, बल्कि अपनी जरूरत पूरी करने के लिए किया गया। महिलाओं ने मांग की कि उनके क्षेत्र में भी नर्मदा का पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे फसलों की सिंचाई कर सकें। उनका कहना है कि यदि उनके क्षेत्र को भी पानी मिलने लगेगा तो ऐसी स्थिति ही नहीं बनेगी।
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