
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार तक रेल परिचालन की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच रही हैं। रेलखंड पर विद्युतीकरण से जुड़े कुछ कार्य शेष होने के बीच फिलहाल डीजल इंजन से परीक्षण की शुरुआत की गई है।
डीजल इंजन धार पहुंच चुका है और टनल पार कर प्रारंभिक स्तर पर ट्रॉयल की प्रक्रिया में जुटा है। इसके बाद 30 अक्टूबर से 6 नवंबर तक रेलखंड पर परीक्षण किया जाना प्रस्तावित है। इस दौरान 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन चलाकर ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा जाएगा।
रेलवे की तैयारियों के अनुसार, शुरुआती परीक्षण डीजल इंजन से किया जा रहा है। विद्युतीकरण संबंधी व्यवस्थाओं के कुछ कार्य शेष होने के कारण विद्युत इंजन से परीक्षण की प्रक्रिया बाद में आगे बढ़ेगी। वहीं, 5 और 6 नवंबर को रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण प्रस्तावित है।
धार रेलवे स्टेशन को यात्री सुविधाओं के लिहाज से तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। स्टेशन पर रंग-रोगन, पेंटिंग और तकनीकी कक्षों सहित बुनियादी सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पीथमपुर, सगौर और गुणावद सहित अन्य स्टेशनों पर भी निर्माण और सुविधाओं से जुड़े कार्य जारी हैं। स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर और अन्य आधुनिक सुविधाओं को पूरी तरह शुरू करने में अभी समय लग सकता है।ऐसे में ट्रायल और सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण परियोजना के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव होंगे।
धार जिले में अब तक रेल सुविधा नहीं होने के कारण रेल लाइन और तेज गति से गुजरने वाले इंजन को लेकर स्थानीय लोगों में पर्याप्त जागरूकता होना भी जरूरी है। खासकर रेल लाइन के आसपास रहने वाले बच्चों के लिए यह गंभीर सुरक्षा चुनौती है।
परीक्षण के दौरान इंजन अचानक सामने आने पर पटरी पार करने या उसके आसपास रहने वाले लोगों के साथ हादसा हो सकता है। रेलवे की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही रेल लाइन से दूर रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की समझाइश दी जा रही है।
कुछ वर्ष पहले देवास जिले में रेल परीक्षण के दौरान पटरी पार कर रहे बच्चों के साथ हादसा होने की घटना सामने आई थी। ऐसे में धार रेलखंड पर परीक्षण के दौरान अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। तेज रफ्तार से चलने वाले इंजन के अलावा विद्युतीकरण पूरा होने के बाद बिजली की लाइन से जुड़े खतरों को लेकर भी लोगों को जागरूक करना होगा। रेल सुविधा शुरू होने से पहले निर्माण कार्यों को पूरा करने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और जनजागरूकता पर ध्यान देना भी रेलवे के लिए अहम होगा।
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