
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। धार तक यात्री ट्रेन पहुंचने की उम्मीदों के बीच रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार, 12 अक्टूबर को पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी पीथमपुर से धार तक रेल पटरी और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के प्रस्तावित निरीक्षण से पहले होने वाली इस कवायद में ये देखा जाएगा कि रेलखंड पर यात्री ट्रेन चलाने के लिए जरुरी व्यवस्थाएं कितनी तैयार हैं और कहां सुधार की जरूरत है। ऐसे में सोमवार का निरीक्षण धार तक ट्रेन पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
संयुक्त ट्राली निरीक्षण में मुख्य अभियंता (प्लानिंग) विकास कुमार सहित मुख्य अभियंता (निर्माण)-IV और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारी पटरी, तकनीकी इंतजाम और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करेंगे। निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर करने और बाकी तैयारियां समय पर पूरी करने पर जोर रहेगा।
रेलवे के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण किया जाना है। इससे पहले सोमवार को होने वाला निरीक्षण तैयारियों की स्थिति समझने में मदद करेगा। हालांकि, सीआरएस का अंतिम कार्यक्रम और निरीक्षण के निष्कर्ष अहम रहेंगे। आवश्यक सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही यात्री रेल सेवा शुरु करने का रास्ता साफ होगा।
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इंदौर-दाहोद रेल परियोजना की कुल लंबाई 204.76 किलोमीटर है। इसमें टीही से धार तक करीब 46 किलोमीटर का रेलखंड धार को इंदौर की ओर से रेल संपर्क से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार स्टेशन शामिल हैं।
परियोजना में टीही की 2,957 मीटर लंबी रेल सुरंग भी अहम हिस्सा है। इसके पूरा होने से इंदौर की ओर से धार तक रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में बड़ी बाधा दूर हुई है। अब निगाहें निरीक्षण और सुरक्षा मंजूरी पर टिकी हैं। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि धार के लोगों को यात्री ट्रेन की सुविधा कब से मिल सकेगी।