• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • धार

धार में वराह मार्च निकालने को लेकर गरमाया मुद्दा, प्रचार सामग्री हटाने से नाराज समिति

भोजशाला को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद अब लाट मस्जिद (विजय मंदिर) से जुड़े ऐतिहासिक दावों को लेकर गतिविधियां चर्चा में ...और पढ़ें

By PremVijay PatilEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 07:38:35 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 07:41:21 PM (IST)
धार में वराह मार्च निकालने को लेकर गरमाया मुद्दा, प्रचार सामग्री हटाने से नाराज समिति
लाट मस्जिद को लेकर उठ रहा है विवाद। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सनातन प्रहरी ने कहा 15 सितंबर को मार्च निकालकर रहेगे
  2. प्रशासन ने पहले ही अनुमति कर दी है निरस्त
  3. लाट मस्जिद (विजय मंदिर) से जुड़े ऐतिहासिक दावों को लेकर गतिविधियां चर्चा में हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, धार: भोजशाला को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के फैसले के बाद अब लाट मस्जिद (विजय मंदिर) से जुड़े ऐतिहासिक दावों को लेकर गतिविधियां चर्चा में हैं। सनातन प्रहरी समिति का दावा है कि वर्तमान लाट मस्जिद का संबंध परमारकालीन मार्तंड प्रसाद यानी विजय मंदिर से है। वहां भगवार वराह का चित्र है। इसी दावे को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 15 सितंबर को प्रस्तावित वराह मार्च को निकालने की तैयारी में है, जबकि इस पर प्रशासन से अनुमति निरस्त करते हुए रोक लगा दी है।

शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में सनातन प्रहरी के पदाधिकारी अंशुल शर्मा और संयोजक विक्रम रोंदलें ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासन द्वारा भगवान वराह की प्रचार सामग्री हटाया जाना दुखद और गलत कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर भगवान के चित्रों वाले पोस्टर फाड़े गए और कुछ जगह चित्रों के हाथ तोड़ दिए गए। इसे हिंदू समाज के लिए चिंताजनक बताते हुए उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया।


शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा

naidunia_image

पत्रकार वार्ता में सनातन प्रहरी समिति के पदाधिकारी जानकारी देते हुए। (नईदुनिया)

अंशुल शर्मा और विक्रम रोंद्रे ने कहा कि सनातन प्रहरी 15 सितंबर को मार्च निकालकर रहेगा। उन्होंने कहा कि मार्च शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से निकाला जाएगा। इसमें शामिल लोग विजय मंदिर पहुंचकर भगवान वराह के दर्शन करेंगे। वहां पूजन, हवन या अन्य धार्मिक अनुष्ठान प्रस्तावित नहीं है।इसके लिए 14 हजार लोगों ने पंजीयन करवाया है

पदाधिकारियों ने कहा कि मार्च निकालना उनका संवैधानिक अधिकार है। प्रतिबंधात्मक आदेशों को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे आदेश व्यवस्था बिगाड़ने वालों के लिए होते हैं, जबकि उनका आयोजन शांतिपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस पर हिंदू समाज को डराने तथा भ्रामक जानकारी देने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया।

प्रशासन अनुमति को लेकर सख्त

सनातन प्रहरी के अनुसार उसने मार्च के संबंध में प्रशासन को सूचना दी है, अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने के दौरान किसी भी रैली या जुलूस के लिए विधिवत अनुमति आवश्यक है। बिना अनुमति आयोजन होने पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने प्रचार सामग्री हटाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है।

इधर 15 सितंबर को मुस्लिम समाज की ओर से ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर वाहन रैली निकालने के लिए अनुमति मांगी गई थी। प्रशासन दोनों आयोजनों की अनुमति निरस्त किए जाने की बात कह रहा है। पुलिस ने 15 सितंबर को लेकर सारी तैयारी कर ली है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर के प्राचीन विष्णु वराह मंदिर पर हाई कोर्ट की नजर, सरकार से चार हफ्ते में मांगी रिपोर्ट