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नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। मध्य प्रदेश के शासकीय शिक्षकों ने सामाजिक एकजुटता और संवेदनशीलता की एक मिसाल कायम की है। शिक्षक संघ मध्य प्रदेश द्वारा संचालित 'कर्मचारी कल्याण कोष' के माध्यम से दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को बड़ी आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है। अगस्त माह में चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रदेश के 68,225 शिक्षकों ने मात्र 190-190 रुपए का योगदान देकर कुल 1 करोड़ 29 लाख 62 हजार 750 का कोष जमा किया।
इस राशि से अगस्त में पांच दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को प्रति परिवार 25 लाख से अधिक की सीधी सहायता प्रदान की गई है। दिसंबर 2025 से अब तक इस पहल के तहत कुल 20 दिवंगत शिक्षकों के स्वजनों को लगभग 5.65 करोड़ रुपये की आर्थिक राहत पहुंचाई जा चुकी है।
संघ के अनुसार, 5 से 20 अगस्त तक चले इस अभियान में पंजीकृत सदस्यों से 190 रुपये सहयोग राशि देने की अपील की गई थी। इस अपील पर 68 हजार से अधिक शिक्षकों ने सहभागिता निभाई। इस अभियान में धार जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा, जहां के 5,091 शिक्षकों ने मिलकर 9 लाख 67 हजार 290 रुपये का योगदान दिया। अकेले निसरपुर विकासखंड के 388 शिक्षकों ने इस पुण्य कार्य में हिस्सा लिया।
धार- स्व. नितिन कुमार जैन (निसरपुर)
₹26,11,360
मुरैना- स्व. राम कुमार त्यागी
₹26,09,840
दतिया- स्व. राम राजा यादव
₹25,97,680
खरगोन- स्व. रमेश चंद्र शर्मा
₹25,75,260
ग्वालियर- स्व. फिरोज अली
₹25,68,610
कर्मचारी कल्याण कोष की स्थापना 4 मार्च 2025 को हुई थी। टीकमगढ़ में पंजीकृत इस संस्था से वर्तमान मेंप्रदेश के 55 जिलों के लगभग 1.22 लाख शिक्षक और कर्मचारी जुड़ चुके हैं। शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) से लेकर सभी पात्र कर्मचारी 62 वर्ष की सेवा अवधि तक इससे जुड़ सकते हैं।
इस व्यवस्था की सबसे खास बात इसकी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली है। सहयोग राशि क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे दिवंगत कर्मचारी के नामांकित (नॉमिनी) के बैंक खाते में जमा होती है।
संस्था के पदाधिकारियों (सतीश खरे, ब्रजेश असाटी और विनोद राठौड़) के अनुसार, इस सहायता राशि का मुख्य उद्देश्य दिवंगत साथी के बच्चों की पढ़ाई, विवाह और परिवार की तात्कालिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। योजना को मिल रहे भारी समर्थन को देखते हुए आगामी 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) पर शिक्षकों के हित में एक और नई कल्याणकारी योजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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