
प्रेमविजय पाटिल, नईदुनिया, धार : बदनावर और धार तहसील के किसानों के खेतों तक नर्मदा का पानी पहुंचाने का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। जिस बदनावर माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी, उसका काम वर्ष 2024 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय निकल गया और परियोजना पूरी नहीं हो सकी।
जुलाई 2026 तक सरकारी आंकड़ों में काम की प्रगति 65 प्रतिशत बताई गई है। अब इसे अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का नया लक्ष्य रखा गया है। यानी मंजूरी के करीब नौ साल बाद किसानों को पानी मिलने की उम्मीद है। इस बीच परियोजना की लागत भी शुरुआती करीब 1521 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 1953 करोड़ रुपये हो गई है।
नर्मदा नदी पर ग्राम महापुरा, तहसील मनावर में परियोजना का इंटेक प्वाइंट बनाया गया है। यहीं से 16.02 क्यूमेक पानी उठाकर पंपिंग के माध्यम से ऊंचाई वाले क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। यहां से पानी को पंप कर आगे भेजा जाएगा। इसके लिए पांच पंप हाउस बनाए जाने हैं।
पानी को एक के बाद दूसरे पंपिंग स्टेशन तक पहुंचाकर ऊंचाई पर ले जाया जाएगा। परियोजना में करीब 60.20 किलोमीटर लंबी बड़ी पाइप लाइन बिछाई जानी है। इसके अलावा करीब 9.70 किलोमीटर की दूसरी पाइप लाइन का भी प्रविधान है। किसानों के खेतों तक दबाव के साथ पानी पहुंचाने की योजना है, ताकि आगे ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई व्यवस्था का उपयोग किया जा सके।
परियोजना पूरी होने पर बदनावर और धार तहसील के 127 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने का प्रस्ताव है। इनमें बदनावर के 102 और धार के 25 गांव शामिल हैं। करीब 50 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के दायरे में लाने की योजना है। इस परियोजना में नहर की तरह पानी बहाकर खेतों तक नहीं ले जाया जाएगा। नर्मदा नदी से पानी को मोटर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी।
फरवरी 2024 में विधानसभा में सरकार ने काम की प्रगति सिर्फ 15 प्रतिशत बताई थी। उस समय 60.20 किमी में से केवल 4.10 किमी पाइपलाइन बिछाने की जानकारी दी गई थी। मार्च 2025 में प्रगति बढ़कर 41 प्रतिशत बताई गई। उस समय जून 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन ये लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ। जुलाई 2026 में विधानसभा में सरकार ने परियोजना की प्रगति 65 प्रतिशत बताई। यानी अभी भी करीब 35 प्रतिशत काम बाकी है।
परियोजना के लिए 48 महीने की समय-सीमा तय की गई थी। मूल रुप से फरवरी 2024 के आसपास काम पूरा होना था। लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो सका। अब अक्टूबर 2027 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य बताया गया है। सरकार ने रबी 2027-28 में किसानों को सिंचाई का पानी देने की समय-सीमा भी बताई है।
बदनावर माइक्रो लिफ्ट परियोजना की प्रगति का मामला पिछले कुछ वर्षों में कई बार विधानसभा में उठा है। वर्ष 2022 में योजना की तकनीकी व्यवस्था, पानी और बिजली की जरूरत को लेकर सवाल हुए। फरवरी 2024 में धीमी गति और पाइप लाइन के काम को लेकर सवाल उठा। मार्च 2025 में फिर प्रगति पूछी गई। जुलाई 2026 में एक बार फिर परियोजना की स्थिति पर सवाल हुआ। इस दौरान विधायकों ने परियोजना में देरी और काम की गति को लेकर सवाल उठाए। वहीं सरकार ने देरी के कारणों में कोविड, भूमि अधिग्रहण, वन अनुमति और बिजली व्यवस्था को बताया।
धार शहर में अमृत-2.0 के तहत नयापुरा तालाब पर इंटेक की व्यवस्था तैयार की जा रही है। बदनावर माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से मिलने वाले नर्मदा जल को विशेष व्यवस्था के तहत नयापुरा तालाब में छोड़ा जा सकता है। ये पानी सिंचाई का सत्र समाप्त होने के बाद ही दिया जाएगा।
यानी बदनावर माइक्रो लिफ्ट परियोजना को सीधे धार शहर में नर्मदा जल लाने वाली नियमित पेयजल योजना के रुप में नहीं देखा जा सकता। इसके तहत पहले सिंचाई की जरुरत पूरी होगी और उसके बाद उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार नयापुरा तालाब को भरा जाएगा। नयापुरा तालाब में पानी पहुंचने से धार की जल व्यवस्था को सहारा मिल सकता है, लेकिन यह पानी पूरे साल सीधे शहर के पेयजल के लिए उपलब्ध रहने की व्यवस्था नहीं है।
| पंप हाउस | गांव | कितना प्रतिशत काम हुआ |
| पीएस-1 | महापुरा | 90% काम पूरा |
| पीएस-2 | केरवा | 90% काम पूरा |
| पीएस-3 | लटामली | 60% काम पूरा |
| पीएस-4 | कुआं | 70% काम पूरा |
| पीएस-5 | सुरादेवी | 80% काम पूरा |
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