• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • धार

भोजशाला के 100 मीटर क्षेत्र में नमाज पर आपत्ति, एएसआई से मांगा स्पष्ट दिशा-निर्देश और मानचित्र

भोजशाला के धार्मिक स्वरुप और उसके आसपास की धार्मिक गतिविधियों को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने एएसआई के भोपाल मंडल के अधीक्षक के नाम कलेक्टर को कर्तव...और पढ़ें

By PremVijay PatilEdited By: manoj dubey
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 06:56:32 PM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 06:57:53 PM (IST)
भोजशाला के 100 मीटर क्षेत्र में नमाज पर आपत्ति, एएसआई से मांगा स्पष्ट दिशा-निर्देश और मानचित्र

HighLights

  1. न्यायालय के निष्कर्षों की ओर एएसआई का ध्यान आकर्षित किया
  2. 100 मीटर क्षेत्र को मानचित्र के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए
  3. हिंदू समाज की धार्मिक गतिविधियों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था हो

नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। भोजशाला के धार्मिक स्वरुप और उसके आसपास की धार्मिक गतिविधियों को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने एएसआई के भोपाल मंडल के अधीक्षक के नाम कलेक्टर को कर्तव्य बोध पत्र सौंपकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

संगठन ने संरक्षित स्मारक की सीमा और उसके 100 मीटर क्षेत्र का स्पष्ट मानचित्र सार्वजनिक करने, नमाज स्थल को लेकर एएसआई का मत तत्काल स्पष्ट करने तथा भोजशाला के संबंध में दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शीघ्र जारी करने की मांग की है।

न्यायालय के निष्कर्षों की ओर एएसआई का ध्यान आकर्षित किया

पत्र में संगठन ने कहा है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा दायर याचिका क्रमांक 10497/2022 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के 15 मई 2026 के निर्णय का हवाला देते हुए भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर न्यायालय के निष्कर्षों की ओर एएसआई का ध्यान आकर्षित किया गया है।


100 मीटर क्षेत्र को मानचित्र के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए

भोजशाला को 18 मार्च 1904 से संरक्षित स्मारक के रुप में दर्ज किए जाने का उल्लेख एएसआई के अभिलेखों में है। संगठन ने मांग की है कि संरक्षित स्मारक की वास्तविक सीमा और उसके 100 मीटर क्षेत्र को मानचित्र के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए, ताकि आमजन को स्थिति स्पष्ट रुप से ज्ञात हो सके।

प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर सवाल संगठन ने अपने पत्र में दावा किया है कि उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार भोजशाला की प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन के संबंध में एएसआई की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई है।

हिंदू समाज की धार्मिक गतिविधियों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की आवश्यकता

संरक्षित स्मारक के संरक्षण, संवर्धन और विनियमन के साथ हिंदू समाज की धार्मिक गतिविधियों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की आवश्यकता है। संगठन का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बाद से अब तक आवश्यक दिशा-निर्देश और एसओपी जारी नहीं किए जाने के कारण वर्तमान स्थिति उत्पन्न हुई है। पत्र में एएसआई से इस संबंध में तत्काल स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की गई है।

नमाज स्थल को लेकर एएसआई से मांगा जवाब

पत्र में एएसआई के 16 मई 2026 के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि उसके पैरा 4(i) में हिंदुओं को भोजशाला में पूजा के अधिकार से संबंधित व्यवस्था की गई है। यदि हिंदू समाज के लिए आने-जाने के मार्ग और धार्मिक गतिविधियों को लेकर एएसआई की ओर से व्यवस्था निर्धारित है, तो संरक्षित स्मारक के आसपास मुस्लिम समुदाय की आवाजाही और नमाज के संबंध में भी एएसआई को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

100 मीटर की दूरी के भीतर किन-किन धार्मिक गतिविधियों की अनुमति?

भोजशाला के संरक्षित स्मारक से 100 मीटर की दूरी के भीतर किन-किन धार्मिक गतिविधियों की अनुमति है। साथ ही खसरा नंबर 612 में वर्तमान नमाज स्थल को लेकर एएसआई की सहमति व अनुमति है या नहीं, यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है।

यदि इस क्षेत्र में किसी समुदाय की धार्मिक गतिविधि को अनुमति है, तो भविष्य में दूसरे समुदाय द्वारा कथा, हवन, भंडारा, महाआरती, उत्सव जैसी धार्मिक गतिविधियां आयोजित किए जाने पर भी समान नियम लागू होने चाहिए।

स्पष्ट एवं सार्वजनिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं

संगठन ने एएसआई से आग्रह किया है कि न्यायालयों के आदेशों की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए भोजशाला के प्रशासन और धार्मिक गतिविधियों के संबंध में स्पष्ट एवं सार्वजनिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। आवेदन सौंपते समय भाेजशाला याचिकाकर्ता व प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के जिला अध्यक्ष कन्हैयालाल यादव, नगर अध्यक्ष मनीष मकवाना, संजय मकवाना सहित अन्य मौजूद थे।

यह भी पढ़ें- धार भोजशाला को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, जारी होगा स्मारक डाक टिकट, प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी