
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के ठिकानों पर बुधवार सुबह लोकायुक्त पुलिस इंदौर की तीन टीमों ने एक साथ छापा मारा। शुरुआती जांच में प्रबंधक के पास आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
लोकायुक्त के अनुसार, करीब 20 वर्ष के सेवाकाल में प्रबंधक को लगभग 65 लाख रुपये वेतन मिला, जबकि इस अवधि में उनके द्वारा करीब 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति अर्जित करने और व्यय किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह उनकी वैध आय की तुलना में 271.46 प्रतिशत अधिक बताई गई है। कार्रवाई के दौरान सोडपुर, नालछा और मांडव स्थित ठिकानों पर संपत्तियों, दस्तावेजों और अन्य निवेश से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, शेरसिंह ठाकुर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और नालछा के सोडपुर निवासी हैं। उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत और सूत्र सूचना मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की गई थी। इसमें उनके सेवाकाल के दौरान बड़ी मात्रा में अचल और चल संपत्ति अर्जित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बुधवार को एक साथ तीन स्थानों पर सर्च कार्रवाई शुरू की गई।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रबंधक ने सोडपुर में 1520 वर्गमीटर का भूखंड खरीदा, जिस पर करीब 2400 वर्गफीट में दो मंजिला भवन बनवाया गया है। भूखंड की खरीदी और भवन निर्माण पर लगभग 97 लाख रुपये खर्च होना बताया गया है। इसके अलावा नालछा में मांडव रोड स्थित सोडपुर तिराहे पर 1350 वर्गफीट का एक व्यावसायिक भवन भी खरीदा गया, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये बताई गई है।
जांच में प्रबंधक की पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसमें ग्राम सोडपुर, तहसील पीथमपुर में 0.645 हेक्टेयर कृषि भूमि की अनुमानित कीमत 8 लाख रुपये और ग्राम मांडव, तहसील पीथमपुर में 2.526 हेक्टेयर कृषि भूमि की अनुमानित कीमत 42 लाख रुपये बताई गई है।
लोकायुक्त के अनुसार, प्रबंधक के पास जेसीबी, महिंद्रा ट्रैक्टर, महिंद्रा टीयूवी, ऑल्टो कार, बुलेट सहित विभिन्न कृषि यंत्र और संयंत्र भी मिले हैं। इन पर करीब 53 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा एक अन्य भवन की जानकारी भी मिली है, जिसे बेनामी संपत्ति होने की आशंका के आधार पर जांच में शामिल किया गया है। संबंधित संपत्तियों पर मिले अन्य कृषि यंत्रों, ट्रैक्टर और ट्रॉलियों के स्वामित्व तथा उनकी कीमत का भी आकलन किया जा रहा है।
लोकायुक्त पुलिस ने शेरसिंह ठाकुर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर राजेश सहाय के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई में डीएसपी आनंद चौहान सहित निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया की अलग-अलग टीमें शामिल हैं। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, सर्च कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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