ऐतिहासिक भोजशाला में 720 वर्षों बाद सप्तशती पाठ और यज्ञ की पूर्णाहुति, आयोजन का विधि-विधान से समापन
ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को सात दिवसीय सप्तशती पाठ, पूजा-अर्चना, आरती और यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 01:35:35 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 01:35:35 PM (IST)
भोजशाला में हुआ हवन-पूजन। -नईदुनियाHighLights
- महाराजा भोज की पुरातन परंपरा को पुनर्जीवित करने का दावा
- सात दिवसीय आयोजन का विधि-विधान से समापन
- 720 वर्षों के बाद महाराजा भोज की पुरातन परंपरा को आगे बढ़ाया
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को सात दिवसीय सप्तशती पाठ, पूजा-अर्चना, आरती और यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति के अनुसार, 720 वर्षों के बाद महाराजा भोज की पुरातन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पहली बार भोजशाला में इस स्वरूप में सप्तशती पाठ और यज्ञ का आयोजन किया गया।
मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न कराई
आयोजन के अंतिम दिन मुख्य पुजारी ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न कराई। इस दौरान शंखनाद, झांझ-मंजीरों की ध्वनि और मां सरस्वती तथा राजा भोज के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
अपनी सेवा मां सरस्वती और भोजशाला स्थित मां वाग्देवी को समर्पित की
यज्ञ में समिति के संरक्षक विश्वास पांडे तथा चंद्रवंशीय राजपूत समाज के जतन परमार और तेजू दीदी परमार ने मुख्य यजमान के रूप में आहुतियां अर्पित कीं। इस अवसर पर विश्वास पांडे ने अपनी सेवा मां सरस्वती और भोजशाला स्थित मां वाग्देवी को समर्पित की। उन्होंने भोजशाला में मां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे सनातन हिंदू समाज की आस्था और मां के गौरव को सम्मानपूर्ण स्थान मिलेगा।
मातृशक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे
कार्यक्रम में भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति के संयोजक गोपाल शर्मा, अध्यक्ष सुरेश चंद्र जलोदिया, महाप्रबंधक हेमंत दोराया, संरक्षक अशोक जैन, राजेश शुक्ला, राजाभव भदाने, मोहन राठौर सहित समिति के सदस्य, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रमुख मोहन राठौर ने दी।
हवन में दी आहुतियां
केसूर : ग्राम खैरोद में रविवार को पूर्णिमा पर ग्राम के आराध्य देव श्री वीर भाटी महाराज का पूजन-अर्चन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। ग्रामीणों ने महाराज को लड्डू के चूरमे का भोग लगाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।धार्मिक आयोजन के तहत एक दिवसीय एक कुंडीय हवन यज्ञ भी संपन्न हुआ।
आचार्य पं. अशोक कुमार उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ में ग्राम खैरोद के मुखिया बबलू पटेल सहित उपस्थित ग्रामीणों ने आहुतियां अर्पित कर ग्राम में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
अंत में श्री वीर भाटी महाराज की आरती उतारी गई और उपस्थित श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर ग्राम की उन्नति और सभी के मंगलमय जीवन की कामना की।