
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। भोजशाला के पीछे की भूमि पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम राहत के तहत मुस्लिम समाज ने पांचवें शुक्रवार नमाज अदा की। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के तहत खसरा नंबर 612 की भूमि पर मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की। जबकि भोजशाला परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं ने दोपहर 1 से 3 बजे तक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए भोजशाला सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर 800 से अधिक पुलिस जवान तैनात रहे। नमाज के लिए मुस्लिम समाज के लोग दोपहर करीब एक बजे से खसरा नंबर 612 पहुंचना शुरू हुए। दोपहर तीन बजे तक नमाज की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद नमाजी भोजशाला के पीछे वाले रास्ते से राधू टाकीज मार्ग होते हुए कमाल मौलाना दरगाह पहुंचे। इस व्यवस्था के कारण भोजशाला के मुख्य मार्ग पर आवागमन सामान्य बना रहा और श्रद्धालुओं को परिसर में आने-जाने में परेशानी नहीं हुई।
बता दें कि तीसरे शुक्रवार को नमाज के बाद दरगाह जाने वाले मार्ग पर करीब 45 मिनट तक आवागमन थम गया था। इससे भोजशाला पहुंचने वाले श्रद्धालु बाहर और परिसर में मौजूद लोग अंदर ही रुक गए थे। इसके बाद चौथे शुक्रवार से नमाजियों के लिए पीछे का मार्ग तय किया गया। पांचवें शुक्रवार को भी इसी व्यवस्था को जारी रखा गया, जिसका असर ये रहा कि मुख्य रास्ते पर श्रद्धालुओं के आने जाने की व्यवस्था बाधित नहीं हुई।
इस शुक्रवार पिछले सप्ताह की तुलना में नमाजियों की संख्या अधिक रही। खसरा नंबर 612 की भूमि पर जगह कम पड़ने पर कुछ लोग लक्कड़ पीठा क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर बरसाती बिछाकर नमाज की तैयारी करने लगे। इसकी जानकारी मिलने पर एएसपी विजय डावर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश खसरा नंबर 612 की भूमि पर नमाज के लिए हैं, इसलिए सड़क पर नमाज की व्यवस्था नहीं की जा सकती।
इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने पास में रखी लकड़ियां हटाने की मांग रखी। एएसपी ने उन्हें इस संबंध में एसडीएम को आवेदन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि रास्ते पर बरसाती बिछाने की अनुमति नहीं है और पूर्व में हुई बैठक में भी इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है।
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उधर, भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु मौजूद रहे। मां वाग्देवी की स्तुति के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। झांझ, डमरू और शंख की ध्वनि से परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहकर दोनों आयोजनों की निगरानी करते रहे। शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।