
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। शहर में पिछले कई दिनों से नलों में पहुंच रहे मटमैले पानी को लेकर आखिरकार लोगों का सब्र जवाब दे गया। इंटरनेट मीडिया पर नाराजगी जताने के बाद गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ता और शहरवासी सड़कों पर उतर आए। लालबाग से शुरु हुआ विरोध प्रदर्शन नगर पालिका कार्यालय पहुंचते-पहुंचते उग्र हो गया।
महिलाओं ने सिर पर मिट्टी के घड़े रखकर प्रदर्शन किया, नपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई, घड़े फोड़े गए, सीएमओ को चूड़ियां दिखाकर विराेध किया और गंदा पानी भी पिलाने का प्रयास किया और गुस्साए लोगों ने उनके चेहरे पर गंदा पानी तक फेंक दिया।
हालात ऐसे बने कि भीड़ को रोकने के लिए पुलिस और वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। अंतत: कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था सुधारने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि हालत नहीं सुधरते हैं तो कांग्रेस ताला लगाओ आंदोलन शुरु करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने "हमें जहर नहीं, स्वच्छ पानी चाहिए", "नगर पालिका होश में आओ" और "नपा हाई-हाई" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शहरवासियों को लगातार गंदा और मटमैला पानी पिलाया जा रहा है, इससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
कार्यालय के बाहर मिट्टी के घड़े फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। इसी दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड्स के पास खड़े नौगांव थाना प्रभारी हीरुसिंह रावत के सिर पर एक मिट्टी का घड़ा आकर लगा और वहीं फूट गया। राहत की बात ये रही कि उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई।
काफी देर तक सीएमओ के बाहर नहीं आने पर महिलाएं लगातार उन्हें बुलाती रहीं। जब सीएमओ विश्वनाथ सिंह परिसर के प्रवेश द्वार तक पहुंचे तो भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति ने उनके चेहरे पर गंदा पानी फेंक दिया और गंदा पानी भी पिलाने का प्रयास किया। इसके बाद सीएमओ तुरंत वापस अपने कक्ष में लौट गए।
हंगामे के बीच प्रदर्शनकारी सीएमओ कार्यालय तक पहुंच गए। कुछ लोगों ने सीएमओ को चूड़ियां पहनाने का प्रयास किया। परिसर में चूड़ियां बिखर गईं। साथ ही सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उन्हें "रीलबाज सीएमओ" कहकर संबोधित किया और जल व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती देख नपा परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए फायर ब्रिगेड और वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी गईं, लेकिन आक्रोशित लोग अपनी मांगों पर डटे रहे। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग फांदकर आगे पहुंच गए और नगर पालिका परिसर में घुस गए।
आक्रोशित लोगों का एक समूह सीधे सीएमओ के कक्ष तक पहुंच गया। वहां जमकर नारेबाजी हुई और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई गई। भीड़ बढ़ने और धक्का-मुक्की के दौरान सीएमओ कक्ष का गेट भी टूट गया। इस दौरान संबंधित इंजीनियर को निलंबित करने की मांग की।
करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे और प्रदर्शन के बाद सीएमओ से मुलाकात की और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सात दिनों के भीतर गंदे पानी और अनियमित जलापूर्ति की समस्या दूर करने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई कि यदि तय समय में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस नपा में "ताला लगाओ आंदोलन" शुरु करेगी।
नगर पालिका परिसर में हुए इस प्रदर्शन के दौरान एक बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। रैली में कुछ कांग्रेस पार्षद दिखाई दिए, लेकिन जब नपा कार्यालय में हंगामा हुआ तो कोई भी कांग्रेस पार्षद या प्रतिनिधि वहां मौजूद नजर नहीं आया।
नगर पालिका में मटमैले पानी को लेकर हुए हंगामे के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरु कर दी है। कोतवाली थाना पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर 12 नामजद आरोपितों सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, बैरिकेडिंग पार करने, धक्का-मुक्की और अधिकारियों के कक्ष तक पहुंचने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। कोतवाली थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान ने बताया कि नपा में हुए प्रदर्शन और हंगामे के मामले में 12 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
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