
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। गांव में पानी की मोटर चलाने के लिए अब बार-बार मौके पर जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। नल-जल योजनाओं को तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। इसके तहत सभी नल-जल योजनाओं में आटोमैटिक सेंसर लगाए जाएंगे।
इनके जरिए मोबाइल ऐप से मोटर पंप का संचालन और नियंत्रण किया जा सकेगा। मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ये व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों में पानी समितियों का पुनर्गठन सुनिश्चित करने को कहा। पंचायतों को ग्रामीणों के बीच जागरुकता बढ़ाकर नियमित जल प्रभार की वसूली के लिए भी प्रेरित करने के लिए कहा है। इसका उद्देश्य पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।
बैठक में नई नल-जल योजना संचालन-संधारण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने पंचायतों को नीति के अनुसार योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही जल संरक्षण के कामों को गति देने के लिए कहा।
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