
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : जिलेभर में सोयाबीन कटाई का दौर शुरु हो गया है। खेतों तक बड़ी संख्या में श्रमिक पहुंच रहे हैं और उन्हें पिकअप वाहनों में भरकर लाने-ले जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। क्षमता से अधिक श्रमिक बैठाने वाले ऐसे वाहनों पर पुलिस ने रोक-टोक शुरू की है।
वहीं राजोद में एक पिकअप को रोककर श्रमिकों को उतारने की समझाइश देना पुलिस को भारी पड़ गया। 30 से 35 श्रमिकों से भरी पिकअप रोकने के बाद विवाद इतना बढ़ा कि सड़क को जाम कर दिया गया। पुलिसकर्मियों से मारपीट हुई और बाद में संदला में पुलिस टीम पर पत्थरबाजी भी की गई। घटना में तीन पुलिसकर्मियों को चोट आई, जबकि एक पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचा।
पुलिस के अनुसार फोर्स ग्राम राजोद-रानीखेड़ी क्षेत्र में क्षमता से अधिक श्रमिकों को बैठाकर ले जा रहे पिकअप चालकों को समझाइश दे रही थी। इसी दौरान एमपी 11 जी 6116 पिकअप को रोका गया। जिसका चालक राजेश मुनिया निवासी सारोटी इसमें करीब 30 से 35 श्रमिकों को लेकर राजोद से सारोटी की ओर जा रहा था।
पुलिस ने वाहन रोककर सवारियां उतारने और इस तरह श्रमिकों को ले जाने से बचने की समझाइश दी। इसी दौरान सारोटी निवासी गोकुल खड़ेड़ा भी मौके पर पहुंचा और खुद को चालक बताया। पुलिस ने उसे भी सवारियां उतारने के लिए कहा, लेकिन वह बात मानने को तैयार नहीं हुआ। मामला बढ़ने पर पुलिस दोनों को थाने ले जाने लगी।
पुलिस के अनुसार इसके बाद राजेश अपने साथ लेखराज, गोपाल, प्रकाश, जितेंद्र, राकेश, लखन, नंदराम, गोकुल और राधेश्याम सहित अन्य लोगों को लेकर रास्ते में आ गया। इन लोगों ने आने-जाने वाले वाहनों को रोकना शुरु कर दिया। एक ट्रक को सड़क पर खड़ा कर रास्ता बंद कर दिया और जाम लगा दिया।
पुलिस ने वाहन हटाने और रास्ता खोलने के लिए समझाइश दी, लेकिन लोग नहीं माने। कार्रवाई की बात कहने पर विवाद और बढ़ गया। पुलिस के अनुसार इसी दौरान राजेश ने प्रधान आरक्षक हकरिया गणावा को डंडा मार दिया। उनके दाहिने हाथ और बाएं हाथ की उंगली में चोट आई और सूजन आ गई।
पुलिस के अनुसार इसके बाद आरोपितों ने दूसरे स्थान पर भी आवागमन रोकने की बात कही। संदला में रास्ता रोकने की सूचना मिलने पर डायल-112 मौके पर पहुंची। प्रधान आरक्षक मुकेश परमार और आरक्षक महेंद्र वसुनिया भी वहां पहुंचे।
पुलिस का आरोप है कि टीम के पहुंचते ही लोगों ने पत्थर फेंकना शुरु कर दिए। पत्थर लगने से महेंद्र वसुनिया के वाहन को नुकसान पहुंचा। सैनिक राजेश के साथ मारपीट की गई, जबकि प्रधान आरक्षक मुकेश परमार को धक्का देकर गिरा दिया गया। इससे उनकी दाहिने हाथ की कलाई में चोट आई।
इस तरह पूरे घटनाक्रम में प्रधान आरक्षक हकरिया गणावा, प्रधान आरक्षक मुकेश परमार और सैनिक राजेश सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने मामले को शासकीय कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों से मारपीट और रास्ता रोकने से जुड़ा मामला मानते हुए कार्रवाई की है।
राजोद पुलिस ने राजेश मुनिया, लेखराज डामर, गोपाल डामर, प्रकाश डामर, जितेंद्र मुनिया, राकेश डामर, लखन डामर, नंदराम मुनिया, गोकुल खदेड़ा और राधेश्याम खदेड़ा, सभी निवासी सारोटी, के अलावा 5 से 7 अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 126(2), 132, 121(2), 296(बी), 191(2) और 125 के तहत कार्रवाई की है। घटना की शुरुआत श्रमिकों को क्षमता से अधिक भरकर ले जा रही पिकअप को रोकने से हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला सड़क जाम, पुलिसकर्मी पर हमले और पत्थरबाजी तक पहुंच गया।
कुछ लोगों ने जाम लगाया था और इसके तहत पुलिस से झूमाझटकी गई। पुलिस से इस मामले में 10 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। रात को ही दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। -विश्वदीप सिंह परिहार, एसडीओपी, सरदारपुर
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