• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • डिंडौरी

डिंडौरी में 19.25 लाख बोरर कीट जलाएगा वन विभाग, चार डीएफओ की मौजूदगी में होगी कार्रवाई

डिंडौरी जिले में ऐसे एक लाख 46 हजार 784 पेड़ चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों को पारिश्रमिक देकर इन की...और पढ़ें

By Neeraj ShrivasEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 08:52:47 AM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 08:59:30 AM (IST)
डिंडौरी में 19.25 लाख बोरर कीट जलाएगा वन विभाग, चार डीएफओ की मौजूदगी में होगी कार्रवाई
विभाग ने ग्रामीणों से कराया कीटों का संग्रहण, फाइल फोटो

HighLights

  1. 19.25 लाख कीटों को जलाएगा वन विभाग
  2. चार डीएफओ की मौजूगी में होगा दहन
  3. 24 सितंबर को कीटों को जलाया जाएगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। जिले में साल प्रजाति के पेड़ों के दुश्मन माने जाने वाले 19 लाख 25 हजार 118 साल बोरर कीटों का अब तक संग्रहण किया जा चुका है, जिन्हें आठ संग्रहण केंद्रों में सुरक्षित रखा गया है।

पारदर्शिता के साथ होगा दहन

अब इनके खात्मे की प्रक्रिया शुरू की गई है। 24 सितंबर को डिंडौरी-मंडला जिलों के चार डीएफओ की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ इन कीटों को जलाया जाएगा। दरअसल, साल बोरर कीट पेड़ के तने में छेद कर उसे खोखला कर देते हैं, जिससे पेड़ सूखने लगता है।

यह भी पढ़ें- भोपाल से नहीं आई एयर एंबुलेंस डिंडौरी, दिनभर इंतजार के बाद सड़क मार्ग से भेजा जबलपुर; हेलीपैड भी था तैयार

एक लाख से ज्यादा पेड़ चिन्हित

डिंडौरी जिले में ऐसे एक लाख 46 हजार 784 पेड़ चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों को पारिश्रमिक देकर इन कीटों का भी संग्रहण कराया है। वन मंडल अधिकारी अशोक सोलंकी ने बताया कि ग्रामीणों को प्रति कीट दो रुपये के हिसाब से लगभग 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।


यह भी पढ़ें- डिंडौरी में साइबर अपराध, बच्चे को मोबाइल देना पड़ा महंगा, लिंक पर क्लिक करते ही 50 हजार रुपए की ठगी