अस्पताल का नंबर सर्च करते ही WhatsApp पर आया APK लिंक, क्लिक करते ही शिक्षक के 6.82 लाख पार
गुना में ऑनलाइन वित्तीय और क्रेडिट कार्ड ठगी के चार मामलों में लोगों से 9.64 लाख रुपये ठगे गए। पुलिस ने शिकायतें दर्ज कर साइबर सेल से जांच शुरू की।
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 03:11:39 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 03:11:39 PM (IST)
शिक्षक से 6.82 लाख की ठगी। (फाइल फोटो)HighLights
- गुना में साइबर ठगी के चार मामले सामने आए हैं।
- ठगों ने पीड़ितों से करीब 9.64 लाख रुपये ठगे।
- फर्जी पहचान और दस्तावेजों से दो लोगों को ठगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, गुना: कैंट थानाक्षेत्र अंतर्गत आनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और क्रेडिट कार्ड ठगी के तीन एवं म्याना थाने का मामला सामने आया है। इनमें अज्ञात ठगों ने झांसा देकर करीब 9.64 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ितों की शिकायतों पर कैंट थाना पुलिस ने मामले दर्ज कर साइबर सेल की मदद से पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार फरियादी अवधेश पुत्र लखन सिंह रघुवंशी ने शिकायत दर्ज कराई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपनी पहचान छिपाकर और खुद को दूसरा व्यक्ति बताकर छलपूर्वक उनसे 38,100 रुपये की आनलाइन धोखाधड़ी की है। इसी तरह बीलाबावड़ी निवासी विनोद पुत्र वीरपाल सिंह जाट आनलाइन ठगी का शिकार हुए।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि ठगों ने फर्जी पहचान और जाली इलेक्ट्रोनिक दस्तावेजों को असली बताकर उन्हें भ्रमित किया और छलपूर्वक 1,95,887 रुपये ऐंठ लिए। इसी प्रकार पुरानी छावनी निवासी दीपक पुत्र मांगीलाल रजक के क्रेडिट कार्ड से आटो ट्रांजेक्शन के जरिए 49,000 रुपये कट गए। फरियादी को जब मोबाइल पर मैसेज मिला, तब जाकर ठगी का अहसास हुआ। कैंट थाना पुलिस ने सभी शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
इंदौर अस्पताल का नंबर सर्च करते ही खाते से उड़ाए 6.82 लाख रुपये
- इसी तरह म्याना निवासी शिक्षक महेंद्रसिंह रघुवंशी साइबर ठगी का शिकार हो गए। पीड़ित के एसबीआई खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने बिना किसी अनुमति के 6.82 लाख रुपये पार कर दिए। साइबर क्राइम सेल की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। फरियादी शिक्षक ने इंटरनेट पर इंदौर के बाम्बे अस्पताल का संपर्क नंबर खोजा था।
इसके बाद उनके वाट्सएप पर अपाइंटमेंट बुकिंग के नाम से एक संदिग्ध एपीके लिंक प्राप्त हुई। अस्पताल का मैसेज समझकर जैसे ही पीड़ित ने लिंक खोली, ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद कुल 17 आनलाइन यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से 6,82,498 रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़ित को मैसेज आने पर बैंक स्टेटमेंट से ठगी का पता चला, जिसके बाद हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। यह भी पढ़ें- कार्तिकेय चौहान से माफी मांगने के बाद राहुल के खिलाफ मानहानि केस खत्म, ये है पूरा मामला