तीन तहसीलों को मिलाकर चांचौड़ा को बनाया जिला
- प्रदेश में चांचौड़ा 53वां जिला घोषित, विधायक बोले- कमलनाथ ने वचन निभाया
- उपजेल को मिलेगा जिला जेल का दर्जा, जनता को मिलेगा 100 बिस्तर का अस्पताल
गुना(नवदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश सरकार की कै बिनेट ने बुधवार को चांचौड़ा तहसील को जिला का दर्जा देने पर मोहर लगा दी। चांचौड़ा, कु ंभराज और मधुसूदनगढ़ तहसील को मिलाकर जिला बनाया गया है। अब यहां की जनता को 100 बिस्तर का अस्पताल सहित अन्य रोजगार के साधन मिलेंगे। विधायक लक्ष्मण सिंह ने चांचौड़ा को जिला का दर्जा दिलाने अपने भाई व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भोपाल आवास पर धरना दिया था। तो मुख्यमंत्री कमलनाथ को सदबुद्धि दिलाने के लिए खामखेड़ा से लेकर गिरराजजी की परिक्रमा तक लगाई थी। विधायक ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने आज अपना वचन निभाया है। इसके साथ ही जिले में नई विकास की इबारत लिखी जाएगी।
क्षेत्रफल के हिसाब से चांचौड़ा 1193.18 कि मी क्षेत्र में फै ला हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना में तहसील चांचौड़ा की जनसंख्या 1 लाख 27 हजार 398 और कु ंभराज तहसील की आबादी 1 लाख 18 हजार 881 है। तीसरी तहसील मधुसूदनगढ़ तहसील की जनसंख्या 1 लाख 17 हजार 966 है। अफसरों की रिपोर्ट को मानें, तो चांचौड़ा में जिला अस्पताल और दो अन्य तहसीलों में सामुदायिक स्वास्थ्य कें ध व प्राथमिक स्वाथ्य कें धों का निर्माण कि या जाएगा। व्यापारियों की मानें, तो नए जिले में नए दफ्तरों का निर्माण होगा। वहीं धनिया की खेती के लिए कु ंभराज देशभर में प्रसिद्ध है, जिससे व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ बैठेंगे चांचौड़ा में
चांचौड़ा में राजस्थान रोड और तैलीगांव क्षेत्र में कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस के दफ्तर को लेकर जगह चिन्हित की गई है। विधायक लक्ष्मण सिंह ने बीते दिनों कहा था कि चांचौड़ा में कालेज भवन खाली पड़ा है। शुरुआती दिनों में कलेक्ट्रेट वहां लग सकती है। जिला पंचायत भवन सहित अन्य सरकारी 52 विभागों के दफ्तरों का निर्माण कि या जाएगा। जिला बनने के बाद अब चांचौड़ा को तीन एसडीएम मिलेंगे।
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आर्थिक और व्यापारिक दृष्टि से चांचौड़ा
चांचौड़ा आदिवासी और पिछड़ा वर्ग बहुल्य क्षेत्र है। धनिया की खेती के लिए यह क्षेत्र प्रदेशभर में जाना जाता है। कृषि उपज मंडी बीनागंज और कु ंभराज में प्रदेशभर के व्यापारी धनिया की खरीदी करने के लिए आते है। कु ंभराज के धनिया का तो विदेश तक निर्यात होता है।
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प्रदेश की अनूठी धरोहर, राजा ने बनवाया था रानी के नाम पर कि ला
राज्य पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसआर वर्मा ने बताया कि प्रदेश में अभी तक कि सी भी रानी के नाम पर ऐतिहासिक कि ला नहीं है, लेकि न चांचौड़ा में रानी चंपावती के नाम पर ऐतिहासिक कि ला बना हुआ है। चांचौड़ा का पहले नाम चंपावती था, लेकि न बाद में यह नाम बदलकर चांचौड़ा हो गया। खींची राजवंश के इस कि ले को करोड़ों रुपए की लागत से पुर्नजीवित कि या जा रहा है।
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बांसाहेडा से गुना की दूरी 150 कि लोमीटर
चांचौड़ा तहसील में 300 गांव है, जिनमें से ग्राम बांसाहेडा की गुना से दूरी 150 कि लोमीटर है। ग्रामीण सरकारी काम के लिए गुना सुबह निकलते है, लेकि न देर रात तक चांचौड़ा पहुंच पाते हैं। विधायक लक्ष्मण सिंह ने चांचौड़ा को जिला बनाने की पहली बार मांग 22 अक्टूबर 2019 को उठाई थी। उन्होंने इसको लेकर पदयात्राएं कीं। साथ ही मुख्यमंत्री और अपने बड़े भाई पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय तक का विरोध कि या था। हालांकि , लंबी लड़ाई के बाद उनको सफलता हाथ लगी।
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पूर्व विधायक ने कहा- राघौगढ़ को करेंगे शामिल, अभी छोटा जिला
भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना ने कहा कि कै बिनेट ने चांचौड़ा को जिला घोषित कि या है। यह स्वागत योग्य निर्णय है, लेकि न अभी छोटा जिला है। इसमें राघौगढ़ रुठियाई, एनएफएल और गेल को शामिल कि या जाना चाहिए। पहले हम लोगों की गिनती नहीं होती थी, लेकि न आज जिला बन गया है, तो हमारी भी गिनती होगी। चांचौड़ा में सभी विभाग स्थापित हो जाएंगे। जिला बनने से चांचौड़ा विकसित होगा।
वर्जनः
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चांचौड़ा को जिला बनाने का वादा निभाया। जनता को रोजगार के नए साधन मिलेंगे। साथ ही जनता को न्याय के लिए गुना नहीं आना पड़ेगा। जल्द ही चांचौड़ा में नवीन कलेक्ट्रेट से लेकर 100 बिस्तर का जिला अस्पताल होगा। जनता ने जिला बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- लक्ष्मण सिंह, विधायक चांचौड़ा
1803 जीएन 18 जनता जिला घोषित होने के बाद खुशी मनाते हुई।
1803 जीएन 15 चांचौड़ा जिला के नक्शा।