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'नवरात्रि है शव घर मत लाओ' कहकर मकान मालिक ने रोका... तो गुना में अस्पताल के बाहर शादी के जोड़े में सजी अर्थी

गुना में 31 वर्षीय पूजा रजक की मौत के बाद परिजनों के अनुसार, मकान मालिक ने नवरात्रि का हवाला देकर शव किराए के मकान में लाने से मना कर दिया। अस्पताल मे...और पढ़ें

By gajendra shrivastavaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 11:50:05 AM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 11:50:05 AM (IST)
'नवरात्रि है शव घर मत लाओ' कहकर मकान मालिक ने रोका... तो गुना में अस्पताल के बाहर शादी के जोड़े में सजी अर्थी
गुना में अस्पताल के सामने महिला के शव को दुल्हन की तरह सजाकर अंतिम संस्कार किया गया। वीडियोग्रेब

HighLights

  1. मकान मालिक ने नवरात्रि का हवाला देकर शव मकान में लाने से मना कर दिया
  2. अस्पताल से तैयारी के बाद पूजा की अंतिम यात्रा शादी के जोड़े में निकाली गई
  3. कैंसर से पीड़ित पूजा की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे भोपाल ले जाना चाहते थे

नईदुनिया प्रतिनिधि, गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मृत महिला का शव उसके मकान मालिक ने नहीं लाने दिया तों स्वजन को खुले आसमान के नीचे अंतिम यात्रा की रस्म करनी पड़ीं। मकान मालिक ने कह दिया कि नवरात्रि है, इसलिए शव को घर नहीं लाने दिया जा सकता।

कैंसर पीड़ित थी महिला

31 वर्षीय मृतका पूजा रजक अपने पिता और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहा करती थी। इंदौर में उसका विवाह हुआ लेकिन कैंसर की बीमारी के कारण पति ने छोड़कर दूसरा विवाह कर लिया, इस वजह से वह तीनों बच्चों को लेकर गुना में पिता के साथ आकर रहने लगी थी। पिता पहलवान रजक मजदूरी करते थे और किराए के घर में रहते हैं।


हालत ज्यादा खराब होने पर तीन दिन पहले पूजा को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। आर्थिक रूप से मजबूर पिता और मां भोपाल ले जाकर इलाज कराना चाहते थे।

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इंदौर से दूसरी पत्नी संग आया पति

पहली पत्नी की मौत की खबर सुनकर पति भी इंदौर से अपनी दूसरी पत्नी के साथ गुना आया। इस दौरान पूजा के स्वजन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में ही पूजा के अंतिम संस्कार के लिए तैयार की, उसकी अर्थी सजाई गई और शादी के जोड़े में अंतिम यात्रा निकाल बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम ले जाया गया, जहां बेटे ने मुखाग्नि दी।

कलेक्टर ने की थी मदद

सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद भार्गव ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को पूरा मामला बताया तो उन्होंने आर्थिक मदद की, लेकिन भोपाल में डॉक्टरों ने भी गंभीर हालत बताई। इस पर बीते दिन महिला को वापस गुना लाया जा रहा था, जिसकी रास्ते में मौत हो गई।