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गुना में पिता को खुश करने फर्जी शिक्षा अफसर बना नाबालिग; भरोसा दिलाने स्कूल का निरीक्षण किया, CCTV से खुला राज

गुना में 17 वर्षीय नाबालिग ने पिता को शिक्षा विभाग में नौकरी लगने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी आई-कार्ड बनाया और खुद को डिप्टी एज्युकेशन ऑफिसर बताया।

By Dhruv KumarEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 11 Sep 2026 11:22:12 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Sep 2026 11:22:12 PM (IST)
गुना में पिता को खुश करने फर्जी शिक्षा अफसर बना नाबालिग; भरोसा दिलाने स्कूल का निरीक्षण किया, CCTV से खुला राज
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. पिता को खुश करने 17 वर्षीय नाबालिग बना फर्जी अधिकारी
  2. शिक्षा विभाग में नौकरी लगने का दिया भरोसा, फर्जी आई-कार्ड बनाया
  3. सीसीटीवी फुटेज और इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल से फर्जीवाड़ा खुला

नईदुनिया प्रतिनिधि, गुना। अपने पिता को खुश करने 17 साल का नाबालिग बेटा फर्जी शिक्षा अधिकारी बन गया। पिता को झूठा भरोसा दिलाने बेटा स्वयं ही फर्जी आई-कार्ड बनाकर निजी स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गया।

हैरानी की बात यह कि वह अपने पिता को भी साथ लेकर गया, ताकि बता सके कि उसकी शिक्षा विभाग में नौकरी लग गई है। कोतवाली पुलिस ने मामले की पड़ताल कर फर्जीवाड़े का राजफाश कर दिया है और नाबालिग किशोर का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड न होने से नोटिस थमाया है।

फर्जी आई कार्ड बनाया

पूरा मामला बीती 31 अगस्त का है, जब किशोर शहर के बूढ़े बालाजी मंदिर के पास स्थित एक स्कूल में शिक्षा अधिकारी बनकर पहुंचा था, उसने स्वयं को शिक्षा विभाग का डिप्टी एज्युकेशन ऑफिसर बताया। उसने बकायादा मप्र शासन की पट्टी में लटका आई कार्ड पहने था।


हाथ में डायरी, पेन लेकर स्कूल में पहुंचे किशोर ने स्कूल का निरीक्षण किया। रिकॉर्ड देखे और स्कूल प्रबंधन को मान्यता रद्द कराने तक की धमकी दी। हालांकि स्कूल प्रबंधन को उस पर शक हुआ। इसकी शिकायत पुलिस और शिक्षा विभाग को की गई थी।

स्कूल में जाकर धमकाया

तब ही से मामले की पुलिस द्वारा जांच की जा रही थी। जांच में सामने आया कि जुलाई माह में उक्त किशोर द्वारा स्कूल में फोन कर एक छात्रा का शाला त्याग प्रमाण पत्र बिना बकाया फीस लेने का दबाव बनाया था। बात नहीं मानने पर स्कूल की मान्यता रद्द कराने की धमकी दी थी।

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स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ

फर्जी निरीक्षण के दौरान किशोर स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुआ। किशोर की इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल भी खंगाली गई, जिसमें उसने खुद का सरकारी अधिकारी और शिक्षा विभाग से जुड़ा बताया गया हैं। उसने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट से निरीक्षण की फोटो भी अपलोड की हैं।

किशोर की पहचान कर उसे नोटिस जारी किया गया है। पिता को खुश करने उसने शिक्षा विभाग में नौकरी लगने की बात कही थी और निरीक्षण के दौरान पिता को भी निजी स्कूल में लेकर पहुंचा था।- राजकुमार शर्मा, टीआई, शहर कोतवाली