
नवदुनिया प्रतिनिधि, गुना। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी ‘सत्य सनातन यात्रा’ के 14वें दिन गुना जिले के चांचौड़ा ब्लॉक स्थित ग्राम गुंजारी में प्रेस से चर्चा की। उन्होंने देवास के खातेगांव में टीआई हत्याकांड पर सवाल उठाया कि क्या अवैध शराब माफिया पर सरकार का बुलडोजर चलेगा! इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के परिवार पर भी शराब कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाया।
दिग्विजय ने राहुल गांधी को 'इंडी' गठबंधन का निर्विवाद नेता बताते हुए राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। दिल्ली में राहुल गांधी और गुना में दिग्विजय सिंह की यात्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि अंतर केवल इतना है कि राहुल गांधी इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं, जबकि वे स्वयं इन्हें छोटे स्तर पर जनता के बीच ले जा रहे हैं। लेकिन उनका और कांग्रेस वर्किंग कमेटी का एजेंडा बिल्कुल एक ही है।
एक नवंबर को दिल्ली में आयोजित रैली का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर भाजपा ने पूरी तरह कब्जा कर लिया है और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं से पक्षपात करवाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां हजारों करोड़ रुपये का घपला हुआ है।
जब कांग्रेस इस भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जमीन पर उतरकर लड़ाई लड़ रही है, तो भाजपा पूरी तरह विचलित हो गई है। सिंह ने कहा कि भाजपा को किसी भी कीमत पर मंदिर और मठों में डकैती नहीं डालने दी जाएगी।
देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब का कारोबार रोकने गए टीआई पर माफिया द्वारा गाड़ी चढ़ाकर हत्या की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दिग्विजय ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का परिवार शराब के व्यवसाय में लिप्त है और सागर के बंडा तथा देवास जैसे क्षेत्रों में अवैध व जहरीली शराब के कारण लोगों की जान जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई कर्तव्यनिष्ठ टीआई सड़क पर उतरता है, तो उस पर गाड़ी चढ़ा दी जाती है। ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती! उन्होंने पूछा कि क्या अवैध शराब माफिया के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
यूजीसी गाइडलाइन विवाद पर दिग्विजय सिंह ने बताया कि वे स्वयं इस विषय से संबंधित समिति के चेयरमैन रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान तैयार किए गए ड्राफ्ट पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था।
उस समय समिति के कुल 31 सदस्यों में से 17 सांसद भारतीय जनता पार्टी के थे। सभी ने इस पर अपनी सहमति दी थी। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान गाइडलाइन में कोई असंतुलन है, तो सरकार को उसे संतुलित करना चाहिए।
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यात्रा में दिग्विजय सिंह के साथ रहे कंप्यूटर बाबा ने रेत के अवैध उत्खनन पर कहा कि उस समय की बात अलग थी। सरकार चाहती थी कि अवैध उत्खनन बंद हो। ‘राजा साहब’ (दिग्विजय सिंह) ने हमें नदियों का अध्यक्ष बनाया था और कमल नाथ की सरकार में हम लोग बड़ा सिस्टम से काम करते थे।
हम कभी किसी भी तरफ जाते थे, तो रेत गाड़ियां पकड़ते थे। कितनी सारी बड़ी और नई पोकलेन नेताओं की पकड़ी थीं। इसके लिए डर का होना जरूरी है। मुझे लगता है कि सरकार खुद चाहती है कि अवैध खनन हो और अवैध शराब बिके।