
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। एजी ऑफिस स्थित दारूल कुरआन मदरसे में छापेमारी के बाद रेस्क्यू किए गए 26 बच्चों में 22 बच्चों को मंगलवार को बाल कल्याण समिति ने उनके माता पिता के सुपुर्द कर दिया। चार बालक जो बाहरी राज्यों के हैं उनकी सोशल इंवेस्टीगेशन रिपोर्ट यानी एसआइआर पूर्ण न हो पाने के कारण बुधवार को बच्चे दिए जाएंगे। सुबह दस बजे से गोविंदपुरी चौराहा स्थित कार्यालय में बाल कल्याण समिति के चार सदस्यों ने एसआइआर प्रक्रिया और काउंसिलिंग पूरी की और बच्चों को माता पिता के सामने सौंपा।
रात तक चली प्रक्रिया में पूरे दिनभर बच्चों के परिवार का जमावड़ा लगा रहा और कई बार कार्यालय स्टाफ को बाहर भी निकालना पड़ गया। वहीं बच्चियों ने काउंसिलिंग के दौरान भी बाल कल्याण समिति के सदस्यों के सामने मदरसे में मारपीट की बात को दोहराया, यानी बच्चियां अपने बयानों पर अडिग हैं। अब समिति की ओर से पुलिस को जांच प्रतिवेदन पहुंचना शेष है जिसके आधार पर एफआइआर दर्ज की जाएगी।
बता दें कि बीते शुक्रवार को ही मप्र राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग व बाल कल्याण समिति के सदस्यों के साथ संयुक्त छापेमारी दारूल कुरआन मदरसे में की थी। यहां 26 बालक बालिकाएं छह से सोलह उम्र के मिले जिनसे मौके पर चर्चा में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। बच्चियों ने बताया कि मदरसे में उनके साथ मारपीट की जाती है और स्कूली पढ़ाई से दूर रखा जाता है।
बाजी नजमा, साबिर मारपीट करते हैं और अनस का भी नाम परेशान करने को लेकर बताया। बच्चियां एक कमरे में बंद मिलीं और उन्हें बुर्का पहनाकर रखा था। यहां कुल 57 बच्चे रजिस्टर्ड हैं और मौेक पर जब मदरसे को लेकर मान्यता व अन्य दस्तावेज मांगे गए तो कुछ भी नहीं दिया गया। बच्चियों को बालिका गृह भेजा गया व बच्चों को बालक गृह और छोटे बच्चों को शिशु गृह में रखवाया गया।
इस मामले के बाद अभिभावकों ने बच्चों को वापस करने की मांग को लेकर कलेक्टर बंगले सहित समिति कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया। वहीं एसडीएम अतुल सिंह की ओर से मदरसे के कक्षों को सील कर दिया गया,वहीं जमीन की जांच भी की जा रही है।
बाल कल्याण समिति के कार्यालय के बाहर पुलिस के वाहन में बच्चियों को लाया गया। बच्चियां जब वाहन से उतरकर कार्यालय में प्रवेश कर रहीं थीं तो वे हंसती दिखीं। एक बच्ची उम्र सात साल सभी को हेलो करती हुई और मुस्कुराते हुए अंदर गई। वहीं कार्यालय के बाहर मौजूद माता पिता अपनी पीड़ा भी आपस में साझा कर रहे थे कि कई दिन से बच्चों को लेने के लिए घूम रहे हैं। कुछ लोग यह भी समझा रहे थे कि बाल कल्याण समिति के प्रक्रिया पूरी होने ही वाली है तभी बच्चे मिल सकेंगे।
दारूल कुरआन मदरसे को लेकर सनातन सेना के पदाधिकारियों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में कलेक्टर रुचिका चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मदरसे की निष्पक्ष जांच, नाबालिग बच्चों की सुरक्षा, परिसर को सील करने, अवैध निर्माण पाए जाने पर बुलडोजर कार्रवाई तथा अचलेश्वर महादेव मंदिर परिसर से भी अतिक्रमण हटाने की मांग की गई।
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संस्था अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने ज्ञापन में बताया कि मदरसे में बच्चियों के साथ मारपीट व प्रताड़ना का मामला सामने आया है इसके अलावा मदरसे पर मान्यता भी नहीं है इस मामले में विशेष दल से जांच कराकर ठोस कार्रवाई की जाए।
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