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80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को थमाया 1.86 लाख का बिल, उपभोक्ता आयोग ने बिजली कंपनी को लगाई फटकार, लगाया जुर्माना

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने एक फैसले में 80 वर्षीय महिला उपभोक्ता को राहत देते हुए 1.86 लाख रुपए का विवादित...और पढ़ें

By Vikram Singh TomarEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Wed, 20 May 2026 07:32:03 PM (IST)Updated Date: Wed, 20 May 2026 07:32:03 PM (IST)
80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को थमाया 1.86 लाख का बिल, उपभोक्ता आयोग ने बिजली कंपनी को लगाई फटकार, लगाया जुर्माना
80 वर्ष की वृद्घा का 1.86 लाख का बिजली बिल रद्द। (AI से जेनरेट की गई इमेज)

HighLights

  1. बुजुर्ग महिला का 1.86 लाख का बिजली बिल रद्द
  2. उपभोक्ता आयोग ने बिजली कंपनी को फटकारा
  3. ₹5,000 हर्जाना देने का भी कोर्ट ने दिया आदेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने एक फैसले में 80 वर्षीय महिला उपभोक्ता को राहत देते हुए 1.86 लाख रुपए का विवादित बिजली बिल निरस्त कर दिया है। आयोग ने माना कि बिजली कंपनी उपभोक्ता की वास्तविक खपत साबित नहीं कर सकी। मामला थाटीपुर निवासी 80 वर्षीय वृद्धा कृष्णा त्रिपाठी का है। उन्होंने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि वे नियमित रूप से बिजली बिल जमा कर रही थीं।

कंपनी ने थमाया था 20 हजार यूनिट का भारी-भरकम बिल

जुलाई 2024 में मीटर की डिस्प्ले खराब होने पर मध्य प्रदेश मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने उनका मीटर बदल दिया था। इसके बाद जनवरी 2025 में कंपनी ने अचानक 20,016 यूनिट खपत दिखाते हुए 1,86,461 रुपए का बिल जारी कर दिया। महिला ने बिजली कंपनी के कार्यालय में शिकायत की तो कंपनी ने मीटर जांच में गड़बड़ी और छेड़छाड़ मिलने की बात कही। कंपनी का दावा था कि मीटर में हस्तक्षेप कर बिजली उपयोग किया जा रहा था। हालांकि आयोग में पेश दस्तावेजों और रिकॉर्ड में कई विरोधाभास सामने आए।


आयोग ने कंपनी को लगाई कड़ी फटकार

सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि दिसंबर 2024 तक उपभोक्ता के सभी बिल सामान्य खपत के आधार पर जारी हुए थे। वहीं जांच रिपोर्ट में दर्ज मीटर नंबर और बिल में दर्ज मीटर नंबर अलग-अलग पाए गए। इस पर आयोग ने कंपनी को फटकार लगाते हुए यह भी कहा कि एक 80 वर्षीय महिला द्वारा एक महीने में 20 हजार यूनिट बिजली उपयोग किया जाना स्वाभाविक प्रतीत नहीं होता।

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मानसिक प्रताड़ना के लिए देना होगा मुआवजा

आयोग ने विवादित बिल रद्द करते हुए बिजली कंपनी को पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर नया बिल जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 4 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 1 हजार रुपए उपभोक्ता को देने का आदेश भी दिया गया है।